बद्रीनाथ की तीर्थ यात्रा (Badrinath tirthyatra) कर राजस्थान लौट रहे जयपुर के 31 तीर्थ यात्रियों से भरी बस (badrinath bus accident) गुरुवार को उत्तराखंड में सडक पर चढाई के दौरान ब्रेक फेल होने से पलट गई। बस में 11 पुरूष और 18 महिला तीर्थ यात्री सवार थे। जिनमें से 24 घायल हो गए। बस में सवार जयपुर के आमेर निवासी यात्री ललित कुमार सैनी ने बताया कि तीर्थ यात्रा 4 जून को जयपुर से रवाना हुई थी.
जयपुर। बद्रीनाथ की तीर्थ यात्रा (Badrinath tirthyatra) कर राजस्थान लौट रहे जयपुर के 31 तीर्थ यात्रियों से भरी बस (badrinath bus accident) गुरुवार को उत्तराखंड में सडक पर चढाई के दौरान ब्रेक फेल होने से पलट गई। बस में 11 पुरूष और 18 महिला तीर्थ यात्री सवार थे। जिनमें से 24 घायल हो गए। बस में सवार जयपुर के आमेर निवासी यात्री ललित कुमार सैनी ने बताया कि तीर्थ यात्रा 4 जून को जयपुर से रवाना हुई थी और 17 जून को पूरी होनी थी। चार धाम की यात्रा करने के बाद यात्री ऋशिकेश के लिए रवाना हुए।
और बस के ब्रेक फेल हो गए
चमधार के पास अचानक सडक पर चढाई आई और बस के ब्रेक फेल हो गए। सडक के किनारे एक पेड का सहारा मिला तो बस वहीं पलट गई। उन्होंने कहा कि अगर पेड नहीं होता तो बस सीधे खाई में गिर जाती। हादसे की सूचना पर श्रीनगर तहसीलदार बीएल टमटा बचाव दल के साथ स्थानीय पुलिस को लेकर मौके पर पहुंचे और सडक पर पलटी हुई बस को सीधा कराया। तहसीलदार टमटा ने पत्रिका दूरभाष पर बताया कि सभी घायलों को श्रीनगर के श्रीकोट बेस अस्पताल में भर्ती कराया। जहां पैर में फ्रेक्चर होने पर 32 वर्षीय यात्री रोहिताश कुमार समेत 13 यात्रियों को भर्ती किया गया है।
अन्य को प्राथमिक उपचार के बाद छुटटी दे दी गई है। तीर्थ यात्रियों के लिए बस में खाना बनाने के लिए रोहिताश भी साथ था। जैसे ही बस के ब्रेक फेल हुए तो वह बस से कूद गया। जिससे उसके पैर में फ्रेक्चर हो गया। ललित कुमार सैनी ने बताया कि हादसे के बाद तीर्थ यात्रा को निरस्त कर दिया है। शुक्रवार को हरिद्वार से दूसरी बस से यात्री जयपुर के लिए रवाना होंगे।
बस पलटने से मची चीख पुकार
मेहरा बस्ती सुशीलपुरा सोडाला निवासी गणेश मेहरा ने बताया कि बस में उनके परिवार के कई सदस्य थे। सुबह बद्रीनाथ से दर्शन करके निकले थे। 30 किलोमीटर दूर जाने के बाद बस पलट गई। मां विमला देवी के सिर में चोट लगी। जबकि जबकि उनके हाथ में चोट आई है। ताउजी के परिवार से महेन्द्र और
सुनीता मेहरा के कमर में चोट लग गई। खाना बनाने वाले हलवाई के दोनों पैर फ्रैक्चर हो गए। उन्होने कहा कि एक बार तो समझ में नहीं आया कि यह क्या हो गया। खुशी खुशी हम घर से यात्रा करने के लिए निकले थे, लेकिन बस पलटने के बाद हमारी खुशी आंसुओं में तब्दील हो गई।
श्रीकोट बेस अस्पताल में ये यात्री भर्ती
रोहताश कुमार
संगीता सैनी
संजय यादव
जुमा देवी
पवन सैनी
विद्या सैनी
सुनीता
सूरज देवी
कमखा देवी
रतन देवी
विमला देवी
शिव देवी
अनोक देवी