अलसुबह से ही पथवारी और शीतला माता मंदिरों में भीड़, महिलाएं कर रही शीतला माता की पूजा—अर्चना
जयपुर। चैत्र कृष्ण अष्टमी पर आज लोकपर्व बास्योड़ा मनाया जा रहा है। अलसुबह से ही शीतला माता की पूजा—अर्चना कर उन्हें ठंडे पकवानों का भोग लगाने दौर शुरू हुआ। शीतला माता को पुआ-पुड़ी, पकौड़ी, दही, राबड़ी सहित विभिन्न पकवान अर्पित किए गए। माता की पूजा—अर्चना कर महिलाओं ने परिवार में सुख—समृद्धि की कामना की। उधर चाकसू के शील की डूंगरी स्थित शीतला माता मंदिर में मेला लगा हुआ है। रात से यहां भक्तों की भीड़ जुटी हुई है। आज घर—घर ठंडे पकवान ही खाए जाएंगे।
शहर में अलसुबह से ही शीतला माता की पूजा-अर्चना की जा रही है। महिलाएं मंगल गीत गाते हुए पत्थवारी और शीतला माता की पूजा कर रही हैं। मंदिरों में माता को भीगे हुए मूंग, मोठ, चने, पुआ-पकौड़ी, दही, राबड़ी सहित विभिन्न ठंडे पकवानों का भोग लगाया। नवविवाहिताएं विशेष तौर पर कंडवारा लेकर मंदिर पहुंची। आज दिनभर लोग घरों में ठंडे पकवान खाएंगे। इससे एक दिन सप्तमी पर महिलाओं ने घर—घर रांधा—पुआ के तहत पकवान बनाए। बास्योड़ा पर शीलता माता को ठंडा भाेजन अर्पित कर चेचक आदि बीमारियों से परिवार को बचाने की प्रार्थना की गई।
शील की डूंगरी में मेला
चाकसू स्थित शील की डूंगरी में शीतला माता मंदिर में मेला लगा हुआ है। रातभर माता के दर्शन खुले रहे। यहां देर रात से ही भक्तों की भीड़ जुटना शुरू हो गई। माता के ठंडे पकवनों का भोग लगा रहे हैं। वहीं लोग खुशहाली औश्र निरोगी रहने की प्रार्थना कर रहे हैं। यहां स्थित धर्मशालाओं में रातभर जागरण हुआ।
शीतला माता मेले में जयपुर के साथ दौसा, सवाई माधोपुर, भरतपुर, अलवर, अजमेर, टोंक सहित आसपास कस्बों से लोग पहुंच रहे है। रंग —बिरंगे परिधानों में महिलाएं मांगलिक गीत गाते हुए पहुंची। वहीं प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए हुए है। करीब 350 पुलिस जवान व्यवस्थाएं संभाले हुए है। मंदिर सहित आसपास करीब 60 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए है। वहीं 3 कंट्रोल रूम बनाए है।