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Census 2027: राजस्थान में अब जनगणना 2027 की तैयारी तेज, 1 मई से शुरू होगा मकान सूचीकरण कार्य

Jaipur Census: 1 मई से स्व-गणना का मौका: 15 मिनट में पूरा करें परिवार का डेटा। डिजिटल जनगणना की ओर कदम: जयपुर में 4883 प्रगणक जुटेंगे घर-घर सर्वे में।

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जयपुर

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Rajesh Dixit

Apr 20, 2026

Digital Census: जयपुर. भारत की जनगणना 2027 के तहत जयपुर जिले में तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रशासन ने आमजन से सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य 16 मई से 14 जून 2026 तक निर्धारित किया है। इससे पहले 1 मई से 15 मई 2026 तक आम नागरिकों को स्व-गणना (Self-Enumeration) की सुविधा वेब पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।

प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं जिला कलेक्टर संदेश नायक ने बताया कि जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रक्रिया है, जिसके जरिए सामाजिक, आर्थिक और जनसांख्यिकीय आंकड़े एकत्र किए जाते हैं। इन आंकड़ों के आधार पर केंद्र और राज्य सरकारें विभिन्न विकास योजनाएं तैयार करती हैं, जिनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा जैसे अहम क्षेत्र शामिल हैं।

जयपुर जिले में जनगणना कार्य के लिए 38 चार्ज अधिकारी नियुक्त

जयपुर जिले में जनगणना कार्य के लिए 38 चार्ज अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, जिनमें 20 तहसीलदार, 2 नगर परिषद आयुक्त और 16 अधिशाषी अधिकारी शामिल हैं। जिले की अनुमानित जनसंख्या 35.54 लाख है, जिसके लिए 5279 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक बनाए गए हैं। इस कार्य को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए 4883 प्रगणक और 793 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं।

डिजिटल इंडिया पहल के तहत इस बार जनगणना में आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा। डेटा संग्रहण के लिए प्रगणकों को विशेष मोबाइल एप्लीकेशन (HLO App) दिया गया है, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तेज होगी। वहीं, आमजन के लिए स्व-गणना के लिए पोर्टल https://se.census.gov.in उपलब्ध रहेगा, जो हिंदी, अंग्रेजी सहित 14 क्षेत्रीय भाषाओं में संचालित होगा।

स्व-गणना प्रक्रिया बेहद सरल

स्व-गणना प्रक्रिया बेहद सरल है, जिसे परिवार का कोई भी सदस्य 15-20 मिनट में पूरा कर सकता है। इसके बाद उसे एक यूनिक SE ID प्राप्त होगी, जिसे प्रगणक के साथ साझा करना अनिवार्य होगा ताकि अंतिम सत्यापन किया जा सके।

जिला प्रशासन ने सभी सरकारी कार्यालयों के अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि वे इस अवधि में अधिक से अधिक स्व-गणना सुनिश्चित करें और आमजन को भी इसके लिए प्रेरित करें। प्रशासन का मानना है कि जनसहभागिता से ही यह महत्वपूर्ण अभियान सफल हो सकेगा।