हत्या करने के बाद सबूत मिटाने में लगा रहा आरोपी
जिस बेटे को 9 महीने कोख में रखा। उसकी हर ख्वाहिश पूरी की। उस बेटे ने इतनी निर्दयता से मां को गला घोंट कर मार दिया, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की। प्रोपर्टी का बंटवारा हो जाए इस खातिर उसने मां की हत्या कर दी और उसे रत्ती भर भी रहम नहीं आया। जब वह मां का हत्या करने के लिए घर में घुसा, तभी मां की आवाज आई, कि बेटा खाना खा ले, तुझे भूख लगी होगी। इसके बाद वह अपने कमरे में सोने चली गई।
मां की हत्या के बाद मिटाता रहा सबूत-
मां सावित्री देवी की हत्या करने के बाद आरोपी को जरा भी दुख नहीं हुआ, बल्कि वह सबूत मिटाने के लिए लग गया। हत्या का मामला लूट का लगे, इसके लिए उसने 40 हजार रुपए, 1 किलो जेवर, जिनमें चांदी के सिक्के, ग्लास, नारियल और सोने की पॉलिश किए हुए गले के दो हार और टॉपस चुरा लिए। जिसे बाद में पुलिस ने बरामद कर लिया।
रोने की करता रहा एक्टिंग-
पुलिस जब मौके पर पहुंची तो आरोपी घर पहुंचने के बाद रोने की एक्टिंग करता रहा। आरोपी ने बताया कि उसने अपने साथी को बंटवारे में दुकान करवाने और नकद रुपए देने के लिए कहा था। पुलिस को यह पता था कि हत्या करने वाले कोई नजदीकी है, जिसे सावित्री देवी पूरी जानकारी थी। इसलिए पुलिस ने बेटे पर भी नजर रखी और वह पकड़ा गया।
हत्या के बाद साथी को भेजा गांव
पुलिस को देवेश ने बताया कि मां की हत्या करने के बाद साथी केशव सिंह राठौड़ को गांव जाने के लिए कहा और पूरा मामला शांत होने के बाद उसे जयपुर आने के लिए कहा। आरोपी केशव चौमू से जयपुर जाने के बाद वह अपने गांव भरतिया, वृदावन भेज दिया, जहां से पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।