जयपुर

देखिए परदे के पीछे क्या कुछ हो जाता है, किसी को आती है उबासी तो किसी को खांसी

अब वैधानिक चेतावनी खत्म और अब वीडियो देखने से पहले उसके बारे में लिखा ये आमुख पढ़ें...
2 min read
Feb 28, 2018
Patrika TV
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अमित शर्मा -
वैधानिक चेतावनी- यहां दिया गया वीडियो सिर्फ और सिर्फ हंसी के लिए है. आपको इसे देख हंसी आएगी ये गारंटी तो नहीं, लेकिन अगर आ जाये, तो वीडियो मित्रो के बीच शेयर जरूर कीजिएगा. अब वैधानिक चेतावनी खत्म और अब वीडियो देखने से पहले उसके बारे में लिखा ये आमुख पढ़ें...

सबसे पहले हैप्पी होली. या यूं कहूं कि बुरा न मानो होली है. ऐसा इसलिए लिख रहा हूं क्योंकि होली पर मज़ाक तो बनता ही है. अब कोई नाराज हो जाये, तो पहले ही कह दूं, बुरा न मानो होली है. हम मीडिया के लोग, खासकर कि टीवी वाले जब ऑन एयर (आपके सामने टीवी पर) होते हैं तो एक अलग ही मुस्कान या गंभीरता लिए होते हैं. पर आप तक आने से पहले कि भी एक कहानी होती है. लाइट कैमरा एक्शन की कहानी. कानों में पीसीआर की आवाज़, खबरें वबरें सब लाइन अप हैं कि नहीं.. ये बस चैक करना होता है.

ऐसे में कभी हमारा फोन बजता है तो कभी उबासी आ जाती है. एंकर को पता भी नहीं चलता लेकिन ये लम्हें कहीं डेटा बेस में कैद हो जाते हैं. अब इससे पहले कि आपकी आईटी टीम सर्वर हार्ड ***** फुल हो जाने का अडंगा लगा कर डिलीट का बटन दबाये, मेरे जैसे कुछ मीडिया चुहलबाज़ कुछ लम्हों को अपने पास सहेज लेते हैं..

भला क्यों, आपके लिए, हमारे दर्शकों के लिए. तो लीजिए होली पर देखिए टीवी स्टूडियो से लाइव.. न ना.. माफ कीजिएगा.. लाइव से पहले की कहानी.. कुछ इस फनी अंदाज में... पर अपने सभी एंकर साथियों से, जो कि इस वीडियो में आपको दिख रहे हैं, यही कहना चाहूंगा... बुरा न मानो होली है..

अगर आपको ये वीडियो अच्छा लगे तो शेयर कीजिए. मित्रों तक पहुंचाइए. आपके पास भी कोई ऐसा लम्हा आपके मोबाइल में कैद है, जो आप फनी या रोचक मानते हैं, और चाहते हैं कि पत्रिका टीवी तक पहुंचे, तो भेज दीजिए हमें. बस tv@in.patrika.com पर मेल कीजिए. चलते चलते एक बार फिर, बुरा न मानो होली है.

Published on:
28 Feb 2018 04:42 pm