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भजनलाल सरकार ने सीकर को फिर दिया झटका! प्रदेश में 3 पुलिस रेंजों को किया खत्म; जानें किस रेंज में कौनसा जिला शामिल?

Rajasthan News: राजस्थान में पुलिस प्रशासन को बेहतर और अधिक संगठित बनाने के उद्देश्य से पाली, बांसवाड़ा और सीकर पुलिस रेंज को खत्म कर दिया गया है।
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Jan 15, 2025
Rajasthan Police

Rajasthan News: राजस्थान में पुलिस प्रशासन को बेहतर और अधिक संगठित बनाने के उद्देश्य से पाली, बांसवाड़ा और सीकर पुलिस रेंज को खत्म कर दिया गया है। अब प्रदेश में कुल सात पुलिस रेंज होंगी। इन रेंजों का पुनर्गठन किया गया है, जिसके तहत जयपुर और जोधपुर पुलिस रेंज सबसे बड़े रेंज बन गए हैं, जहां आठ-आठ जिले शामिल होंगे। गृह विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में इस बदलाव को लागू किया गया है।

प्रदेश में तीन पुलिस रेंज खत्म

बताते चलें पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान बनाए गए पाली, बांसवाड़ा और सीकर रेंज को हाल ही में भजनलाल सरकार द्वारा खत्म किया गया था। इसके साथ ही इनसे जुड़े संभाग और 9 नए जिलों को भी समाप्त किया गया था। इन रेंजों को खत्म करने के बाद पुलिस जिलों को सात प्रमुख रेंजों में पुनः शामिल कर दिया गया है।

इस बदलाव के बाद जयपुर और जोधपुर रेंज में सबसे अधिक 8-8 जिले होंगे। इससे पुलिस प्रशासन को सुव्यवस्थित करने और क्षेत्रीय जिम्मेदारियों को पुनः निर्धारित करने का प्रयास किया गया है।

नई रेंज का पुनर्गठन

अजमेर रेंज शामिल जिले: अजमेर, भीलवाड़ा, टोंक, ब्यावर, नागौर और डीडवाना-कुचामन।

भरतपुर रेंज शामिल जिले: भरतपुर, धौलपुर, करौली, डीग और सवाई माधोपुर।

बीकानेर रेंज शामिल जिले: बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू।

उदयपुर रेंज शामिल जिले: उदयपुर, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा और सलूंबर।

जयपुर रेंज शामिल जिले: जयपुर ग्रामीण, कोटपूतली-बहरोड़, दौसा, अलवर, खैरथल-तिजारा, भिवाड़ी, झुंझुनू और सीकर।

जोधपुर रेंज शामिल जिले: जोधपुर ग्रामीण, फलोदी, जैसलमेर, बाड़मेर, बालोतरा, पाली, सिरोही और जालोर।

कोटा रेंज शामिल जिले: कोटा शहर, कोटा ग्रामीण, बूंदी, बारां और झालावाड़।

सबसे बड़े रेंज- जयपुर और जोधपुर

आपको बता दें भजनलाल सरकार के निर्णय के बाद जयपुर और जोधपुर रेंज अब प्रदेश के सबसे बड़े पुलिस रेंज बन गए हैं। इनमें 8-8 जिलों को शामिल किया गया है, जो इन रेंजों की जिम्मेदारी और महत्व को और अधिक बढ़ाते हैं। गृह विभाग के अनुसार, यह निर्णय प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और बेहतर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लिया गया है।

Updated on:
15 Jan 2025 04:33 pm
Published on:
15 Jan 2025 04:33 pm