जयपुर

रविंद्र सिंह भाटी vs छोटू सिंह रावणा: भजन गायक ने शिव विधायक पर लगाए ‘धमकाने’ के गंभीर आरोप, जानें आखिर क्या है विवाद की जड़?

मारवाड़ की राजनीति और सोशल मीडिया के गलियारों में इस वक्त एक नया बवंडर खड़ा हो गया है। राजस्थान के सबसे चर्चित युवा चेहरों में से एक, शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी और प्रसिद्ध भजन गायक छोटू सिंह रावणा के बीच उपजा विवाद अब सीधे आरोपों की जंग में तब्दील हो चुका है।
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Mar 28, 2026
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राजस्थान की राजनीति में अपनी बेबाक बयानबाजी के लिए मशहूर शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी एक बार फिर विवादों के केंद्र में हैं। इस बार विवाद किसी राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी से नहीं, बल्कि राजस्थान के लोकप्रिय और प्रतिष्ठित भजन गायक छोटू सिंह रावणा के साथ है। दरअसल, रावणा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर दावा किया है कि विधायक भाटी ने उन्हें फोन पर न केवल डराया-धमकाया, बल्कि अप्रत्यक्ष रूप से जान से मारने की चेतावनी भी दी।

आधी रात का फोन कॉल और 'सीधा करने' की चेतावनी

छोटू सिंह रावणा के अनुसार, यह पूरा घटनाक्रम तब शुरू हुआ जब उन्होंने सोशल मीडिया पर रविंद्र सिंह भाटी से जुड़ी एक पोस्ट पर अपना कमेंट किया। गायक का आरोप है कि रात करीब 11 बजे विधायक भाटी का उन्हें फोन आया।

  • आरोप: रावणा ने वीडियो में दावा किया कि भाटी ने बेहद सख्त लहजे में उनसे बात की और कहा— "दो बार मैंने तुम्हें छोड़ दिया, अब मुझे तुम्हें सीधा करना भी आता है।" गायक का कहना है कि यह शब्द उन्हें सुधरने की चेतावनी नहीं, बल्कि जान से मारने की अप्रत्यक्ष धमकी जैसे लगे।

विवाद की जड़: एक सोशल मीडिया कमेंट

पूरा मामला 'डिजिटल वॉर' से शुरू हुआ बताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, छोटू सिंह ने एक पोस्ट के कमेंट बॉक्स पर रविंद्र सिंह भाटी को लेकर आलोचनात्मक टिप्पणी की थी। युवा विधायक, जो अपनी 'फैन फॉलोइंग' के लिए जाने जाते हैं, को यह बात नागवार गुजरी और उन्होंने सीधे गायक से संपर्क किया। रावणा का कहना है कि एक जनप्रतिनिधि द्वारा इस तरह की 'धमकाने वाली टोन' का इस्तेमाल करना लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।

भाटी समर्थकों का पलटवार: "पब्लिसिटी स्टंट या साजिश?"

जैसे ही छोटू सिंह रावणा का वीडियो वायरल हुआ, रविंद्र सिंह भाटी के समर्थकों ने भी मोर्चा संभाल लिया है। भाटी समर्थकों का तर्क है कि:

  • ऑडियो सबूत कहां है?: समर्थकों का कहना है कि यदि वास्तव में ऐसी कोई धमकी दी गई है, तो छोटू सिंह को कॉल रिकॉर्डिंग सार्वजनिक करनी चाहिए।
  • पब्लिसिटी का आरोप: समर्थकों का दावा है कि रविंद्र सिंह भाटी की लोकप्रियता का फायदा उठाने के लिए उनके नाम का इस्तेमाल किया जा रहा है और यह सब महज एक पब्लिसिटी स्टंट है।

राजस्थान की राजनीति में उबाल, सस्पेंस बरकरार

रविंद्र सिंह भाटी, जो अक्सर अपने संघर्षों और जनता के बीच अपनी पैठ के लिए चर्चा में रहते हैं, उनके खिलाफ इस तरह के आरोपों ने विपक्ष को भी सक्रिय कर दिया है। हालांकि, अभी तक इस पूरे मामले पर रविंद्र सिंह भाटी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। लोग यह जानने को बेताब हैं कि क्या यह वास्तव में कोई धमकी थी या फिर बातचीत का कोई गलत अर्थ निकाला गया है।

सोशल मीडिया पर बंटी जनता

फिलहाल इस विवाद पर सोशल मीडिया इस वक्त दो गुटों में बंटा नजर आ रहा है। एक तरफ छोटू सिंह रावणा के प्रशंसक उनके समर्थन में 'न्याय' की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ भाटी के 'युवा सेनानी' इसे अपने नेता को बदनाम करने की साजिश करार दे रहे हैं। पश्चिमी राजस्थान के इस सियासी ड्रामे ने पुलिस और प्रशासन की भी चिंता बढ़ा दी है।

Updated on:
28 Mar 2026 10:43 am
Published on:
28 Mar 2026 10:43 am