
5 साल में 700 आरोपी गिरफ्तार (फोटो-एआई)
जयपुर: राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और नकल गिरोहों का ऐसा जाल सामने आया, जिसने सरकारी भर्ती व्यवस्था की साख पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। शिक्षक भर्ती से लेकर पुलिस, पटवारी, वन रक्षक और सब इंस्पेक्टर भर्ती तक कई परीक्षाएं पेपर लीक की भेंट चढ़ीं। पिछले पांच वर्षों में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने करीब 700 लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें 400 अभ्यर्थी और 300 परिवार के सदस्य और गिरोह से जुड़े लोग शामिल हैं।
जांच एजेंसियों के अनुसार, इन गिरोहों ने अभ्यर्थियों से लाखों रुपए तक वसूले। कई मामलों में परीक्षा से पहले ही होटल, फार्महाउस और बसों में पेपर रटवाया गया, तो कहीं ब्लूटूथ डिवाइस और डमी अभ्यर्थियों का इस्तेमाल हुआ।
फरवरी 2024 में राजस्थान विधानसभा ने राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम संशोधन अधिनियम 2024 पास किया। ये पुराने 2022 वाले कानून से काफी सख्त है।
राजस्थान समेत देशभर में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों ने भर्ती परीक्षाओं की पूरी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालात यह है कि प्रश्न पत्र तैयार होने से लेकर परीक्षा केंद्र तक पहुंचने और केंद्र पर सील खुलने से पहले तक कई स्तरों पर पेपर लीक होने की आशंका बनी रहती है।
पिछले कुछ वर्षों में राजस्थान में सामने आए पेपर लीक मामलों ने साबित किया है कि सिस्टम की लगभग हर कड़ी कमजोर है और संगठित गिरोह इन कमजोरियों का फायदा उठा रहे हैं।
वरिष्ठ अध्यापक भर्ती, शिक्षक भर्ती, पुलिस भर्ती और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में हुए पेपर लीक मामलों ने यह साफ कर दिया है कि केवल कड़ी कार्रवाई की घोषणा काफी नहीं है। विशेषज्ञ मानते हैं कि जब तक पेपर सेटिंग, प्रिंटिंग, ट्रांसपोर्ट और परीक्षा केन्द्र तक पूरी प्रक्रिया को तकनीक आधारित और जवाबदेह नहीं बनाया जाएगा, तब तक पेपर लीक पर पूरी तरह रोक लगाना मुश्किल रहेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, भर्ती परीक्षाओं की गोपनीय प्रक्रिया कई चरणों में पूरी होती है, लेकिन सुरक्षा में थोड़ी सी चूक भी लाखों युवाओं के भविष्य पर भारी पड़ जाती है। कहीं भर्ती एजेंसी के भीतर से गोपनीय जानकारी बाहर पहुंचती है तो कहीं ट्रांसपोर्टेशन और ट्रेजरी सिस्टम में सेंध लग जाती है। कई मामलों में परीक्षा केंद्र तक पेपर पहुंचने के बाद भी लीक की घटनाएं सामने आई हैं।
राजस्थान पेपर लीक में देश में सबसे आगे है। 2011 से 2024 में 26 केस दर्ज हुए। 14 केस वर्ष 2020 से 2024 के हैं। 2025-26 में प्रदेश में पेपर लीक का मामला दर्ज नहीं।
स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने पांच साल में पेपर लीक मामलों में 700 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें 400 अभ्यर्थी और परिवार व गिरोह से जुड़े लोग शामिल हैं।
-विशाल बंसल, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, एसओजी-विशाल बंसल, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, एसओजी
Updated on:
14 May 2026 02:20 pm
Published on:
14 May 2026 02:03 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
