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NEET Paper Leak पर बड़ा खुलासा: दिवाली पर ही तय हो गया था पेपर लीक का ‘खेल’! मेडिकल छात्राएं भी CBI के रडार पर

NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI जांच तेज हो गई है। जयपुर से गिरफ्तार चार आरोपियों को दिल्ली ले जाया गया है। जांच में खुलासा हुआ कि दीपावली पर ही पेपर उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई थी। सीकर, हरियाणा और महाराष्ट्र तक फैले नेटवर्क की जांच जारी है।

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जयपुर

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Arvind Rao

May 14, 2026

NEET UG 2026 Paper Info on Diwali

नीट पेपर लीक में CBI का बड़ा एक्शन (पत्रिका क्रिएटिव फोटो)

NEET Paper Leak: NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो की कार्रवाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि पेपर लीक की साजिश महीनों पहले रची जा चुकी थी। सूत्रों के अनुसार, मुख्य आरोपियों को दीपावली के समय ही यह जानकारी दे दी गई थी कि इस बार नीट का पेपर उपलब्ध करा दिया जाएगा। CBI ने इस मामले में शिकंजा कसते हुए जयपुर से चार प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें मांगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल, हरियाणा निवासी यश यादव और मांगीलाल का बेटा विकास शामिल है।

बता दें कि बुधवार को इन चारों को मजिस्ट्रेट के सामने पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर लिया गया और पूछताछ के लिए दिल्ली ले जाया गया है।

पूरे नेटवर्क का आधार सीकर

जांच में सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क का आधार राजस्थान का सीकर शहर था। आरोपी यश यादव और विकास सीकर के एक ही कोचिंग सेंटर में साथ पढ़ते थे। जहां से इनके बीच सांठगांठ शुरू हुई।

पूरा परिवार जांच के घेरे में, बेटियां भी रडार पर

CBI की जांच अब केवल आरोपियों तक सीमित नहीं है। बल्कि उनके उन रिश्तेदारों तक भी पहुंच गई है, जिन्होंने हाल ही में नीट परीक्षा पास की है। सोनिया, आरोपी दिनेश की भतीजी है, जो फिलहाल मुंबई के मेडिकल कॉलेज में है। पलक, दिनेश की दूसरी भतीजी है।

प्रकृति, मांगीलाल की बेटी, जो दौसा मेडिकल कॉलेज में पढ़ रही है और विकास जिसे सवाई माधोपुर मेडिकल कॉलेज आवंटित हुआ था। बताते चलें कि एजेंसी यह पता लगा रही है कि क्या इन बच्चों का एडमिशन भी पेपर लीक के जरिए मिली मदद का परिणाम है।

कैसे पहुंचा पेपर? महाराष्ट्र से हरियाणा और फिर राजस्थान

जांच एजेंसियों के अनुसार, सबसे पहले महाराष्ट्र के अहिल्याबाई नगर निवासी धनंजय के पास पेपर आया। धनंजय ने इसे नासिक के शुभम खैरनार को दिया। शुभम से यह पेपर हरियाणा के यश यादव तक पहुंचा। यश यादव ने इसे सीकर और जयपुर के अपने संपर्कों (मांगीलाल और दिनेश) तक पहुंचाया।

फरार आरोपियों की तलाश जारी

दिनेश का बेटा ऋषि फिलहाल फरार है। इसके अलावा सीकर के राकेश मंडवरिया और जयपुर के एक अन्य आरोपी प्रजापत से भी सघन पूछताछ की जा रही है।

क्या होगा आगे?

CBI की एक टीम ने बुधवार को सीकर में डेरा डाला और पूरे नेटवर्क से जुड़े लोगों को खंगाला। SOG द्वारा सौंपे गए दो दर्जन छात्रों और अभिभावकों में से कुछ को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया है, लेकिन उन्हें शहर न छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं।

ऐसे में माना जा रहा है कि दिल्ली में होने वाली पूछताछ में कुछ बड़े नाम और सफेदपोश लोग भी बेनकाब हो सकते हैं। इस खुलासे ने एक बार फिर देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।