जयपुर

भजनलाल सरकार रचेगी नया इतिहास, राजस्थान में सोने की खानों की नीलामी की तैयारी

राज्य की भजनलाल सरकार एक नया इतिहास रचने जा रही है। बांसवाड़ा के भूकिया जगपुरा में प्रदेश की पहली सोने की खानों की नीलामी की तैयारी शुरू कर दी गई है।
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Updated: 15 Feb 2024, 7:23 AM IST
gold mines

राज्य की भजनलाल सरकार एक नया इतिहास रचने जा रही है। बांसवाड़ा के भूकिया जगपुरा में प्रदेश की पहली सोने की खानों की नीलामी की तैयारी शुरू कर दी गई है। यहां सोने की दो खानों की ई-नीलामी की आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के साथ ही करीब एक माह में ऑक्शन के लिए केन्द्र सरकार के ई-पोर्टल पर निविदा जारी कर दी जाएगी।

बांसवाड़ा के घाटोल तहसील के भूकिया जगपुरा के 14 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में सोने के विपुल भण्डार मिले हैं। भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग के भू-वैज्ञानिकाें की ओर से इस क्षेत्र में तांबा खोज के लिए किए जा रहे एक्सप्लोरेशन के दौरान यहां पहली बार सोने के संकेत देखे गए। इस क्षेत्र में व्यापक एक्सप्लोरेशन के बाद 113.52 मिलियन टन स्वर्ण अयस्क का आकलन किया गया, जिसमें सोने के धातु की मात्रा 222.39 टन आंकी गई है। यहां स्वर्ण अयस्क खनन के दौरान एक लाख 74 हजार टन से अधिक कॉपर, 9700 टन से अधिक निकल और 13 हजार 500 टन से अधिक कोबाल्ट खनिज प्राप्त होगा।

सोने की खान से यह होगा फायदा
भूकिया जगपुरा में इन खानों से सोने के साथ ही प्रचुर मात्रा में कॉपर, निकल और कोबाल्ट खनिज प्राप्त होगा। इससे देश और प्रदेश में इलेक्ट्रोनिक, पेट्रोलियम, पेट्रोकेमिकल, बैटरी, एयर बैग सहित कई उद्योगों में निवेश के साथ ही प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर विकसित होंगे। कॉपर इंडस्ट्रीज के साथ ही इलेक्ट्रोनिक क्षेत्र में कच्चे माल की उपलब्धता बढ़ेगी, वहीं निकल से बैटरी उद्योग, सिक्कों की ढलाई, इलेक्ट्रोनिक उद्योग आदि को बूम मिलेगा। कोबाल्ट एयर बैग, पेट्रोकेमिकल उद्योग में उपयोग आ सकेगा और कच्चे माल की आपूर्ति के लिए विदेशों पर निर्भरता कम होगी। राजस्थान में देश के करीब 25 प्रतिशत स्वर्ण भण्डार माने जा रहे हैं।

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