Weather News Metrological Department Yellow Alert In Temperature : भारतीय मौसम विभाग ने प्रदेश के मौसम को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। राजस्थान में आने वाले 14 मई तक संपूर्ण प्रदेश में आसमान साफ व मौसम शुष्क है तथा आगामी दिनों में राज्य में मौसम शुष्क रहेगा।
Weather News Metrological Department Yellow Alert In Temperature : भारतीय मौसम विभाग ने प्रदेश के मौसम को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। राजस्थान में आने वाले 14 मई तक संपूर्ण प्रदेश में आसमान साफ व मौसम शुष्क है तथा आगामी दिनों में राज्य में मौसम शुष्क रहेगा। दो से तीन दिनों में राज्य के अधिकांश भागों में अधिकतम तापमान में दो से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होगी।
14 मई तक राज्य के कई जिलों में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से अधिकत दर्ज होने की संभावना है। दक्षिणी और पश्चिमी भागों में दोपहर के समय अपेक्षाकृत तेज हवाएं 15 से 20 किलोमीटर प्रतिघंटा चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने सोमवार को बाड़मेर में अधिकतम तापमान 42.1 डिग्री तो पूर्वी राजस्थान के टोंक में 41.7 डिग्री तापमान दर्ज किया।
अब राज्य में आएगी हीटवेब
मौसम विभाग के वैज्ञानिक और जयपुर मौसम केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया 14 मई तक प्रदेश में किसी प्रकार की बारिश की संभावना नहीं है। एक बेहद कमजोर पश्चिमी विक्षोभ बन रहा है। इसका कोई भी असर प्रदेश में नहीं दिखाई देगा। अब दक्षिण पश्चिमी क्षेत्रों में तापमान 44 डिग्री अधिक होने जा रहा है। ऐसे में यहां और पूर्वी राजस्थान के कोटा संभाग में हीटवेब प्रबल होगा।
तरबूज होगा मीठा और फसल होगी बढ़िया
मौसम को लेकर प्रदेश के किसानों की शिकायत भी दूर होने जा रही है। प्रदेश में अब लू चलेगी। इस वजह से अब तरबूज और खरबूज की फसल अच्छी और मीठी होगी। इसके अलावा अब खेतों में कीट भी गर्मी के कारण मर जाएंगे। किसान जगदीश चौधरी, मुकेश गुर्जर, सीताराम खारोल, हनुमान जाट बताते हैं कि अप्रैल तेज तपन होने से जमीन में पड़े लट और कीट आदि खत्म हो जाते थे लेकिन बरसात के कारण यह नहीं हो रहा था लेकिन अब 20 दिनों तक ऐसी गर्मी पड़ने वाली है कि खेत में एक कीट न बचेंगे। खरीफ की फसल और मूंगफली भी अच्छी होगी।
पश्चिम बंगाल के चक्रवात का असर नहीं
मौसम विभाग ने बताया है कि पश्चिम बंगाल में चल रहे चक्रवात का असर राजस्थान पर नहीं आएगा। वह अंडमान से होते हुए म्यांमार और बांग्लादेश की तरफ चला जाएगा। 12 मई तक इस चक्रवात का प्रभाव बंगाल की खाड़ी और यहां से सटे तटीय इलाकों पर पड़ेगा। फिलहाल इस चक्रवात से कोई बड़ा खतरा नहीं है लेकिन मुछवारों को अलर्ट कर दिया गया है।