11 अप्रैल 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

JJM घोटाला: ₹960 करोड़ का चूना लगाने वाले को सास के अंतिम संस्कार में जाने की अनुमित नहीं, याचिका रद्द

राजस्थान में जल जीवन मिशन के तहत 960 करोड़ रुपए के घोटालेबाज को कोर्ट से झटका लगा है। कोर्ट ने करोड़ों रुपए के घोटालेबाज को उसकी सास के अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति नहीं दी है।

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Vinay Shakya

Apr 12, 2026

Retired IAS Subodh Agarwal

रिटायर्ड IAS सुबोध अग्रवाल (फोटो: पत्रिका)

राजस्थान में जल जीवन मिशन के तहत 960 करोड़ रुपए के घोटालेबाज एवं पूर्व IAS सुबोध अग्रवाल को राहत नहीं नहीं मिली है। कोर्ट ने सुबोध कुमार की शिमला जाने के लिए अनुमति की याचिका खारिज कर दी है। घोटाले के आरोपी सुबोध कुमार ने इस याचिका में अपनी सास के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए शिमला जाने की अनुमति मांगी थी।

SIT ने सुबोध से 12 घंटे की पूछताछ

राजस्थान में 960 करोड़ रुपए के जल जीवन मिशन घोटाले (Jal Jeevan Mission Scam) में गिरफ्तार पूर्व IAS सुबोध अग्रवाल से ACB की SIT टीम ने शनिवार को करीब 12 घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान सुबोध अग्रवाल कई सवालों पर अपनी भूमिका से मना करते रहे और कुछ प्रश्नों पर असहज भी नजर आए। वे बीच-बीच में पानी भी पीते रहे। सूत्रों के अनुसार, कई सवालों पर उन्होंने चुप्पी साध ली।
अग्रवाल 13 अप्रैल तक ACB रिमांड पर हैं और उनसे आगे भी पूछताछ जारी रहेगी। SIT टीम करीब 125 सवालों की सूची के साथ पूछताछ कर रही है। इसमें घोटाले से जुड़े इरकॉन के कथित फर्जी सर्टिफिकेट, टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताएं और विभागीय अधिकारियों की भूमिका से जुड़े सवाल शामिल हैं।

राजस्थान में जल जीवन मिशन में करोड़ों का घोटाला करने वाले तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव सुबोध अग्रवाल फरारी के दौरान दिल्ली के एक गेस्ट हाउस में किराए पर रह रहे थे। ACB ने कई ठिकानों पर छापेमारी के बाद सुबोध को गिरफ्तार किया था। JJM घोटाले में दर्ज FIR के तहत ACB 8 टेंडरों की जांच कर रही है।

अब तक कितने लोगों की हुई गिरफ्तारी

JJM घोटाला मामले में 17 फरवरी को मुख्य अभियंता दिनेश गोयल, केडी गुप्ता, RWSSMB के तत्कालीन सचिव शुभांशु दीक्षित, वित्तीय सलाहकार सुशील शर्मा, निरिल कुमार, विशाल सक्सेना, अरुण श्रीवास्तव, डीके गौड़, महेंद्र प्रकाश सोनी और केरल के एक व्यक्ति मुकेश पाठक को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस मामले के आरोपी SE जितेंद्र शर्मा, मुकेश गोयल और एक अन्य व्यक्ति संजीव गुप्ता फरार है।