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RG Kar कांड को दबाने की कोशिश में लगा था पूरा तंत्र, सुखेंदु शेखर रॉय का बड़ा बयान

TMC MP Statement on RG Kar Case: तृणमूल सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने आरजी कर कांड पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि इसे दबाने की पूरी कोशिश की गई थी।

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Sukhendu Shekar Roy

RG Kar कांड पर बोले सुखेंदु शेखर रॉय (X)

RG Kar Case: तृणमूल कांग्रेस के सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल मामले में अपना मुंह खोलकर अपनी ही पूर्व सरकार को मुश्किल में डाल दिया है। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में जिस जनता ने टीएमसी को 29 सीटों पर जीत दिलाई थी, वही जनता कुछ ही महीनों बाद आरजी कर मामले के बाद सड़कों पर उतर आई। लाखों की संख्या में लोग रातभर जागकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे और हमें उस संदेश को समझना चाहिए था जो जनता दे रही थी।

TMC सांसद ने बताई पार्टी की कमी

टीएमसी सांसद ने स्वीकार किया कि उस दौरान पूरा प्रशासन आंदोलन को दबाने और मामले से जुड़े तथ्यों को छुपाने में लगा था। उन्होंने कहा कि इसके बजाय दोषियों को तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेजा जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि पार्टी को इस बारे में सोचना चाहिए था और समझना चाहिए था। लोग इतने नाराज हो गए कि उन्होंने हमें सत्ता से ही हटा दिया। अगर हमने उस चेतावनी को ध्यान में रखते हुए सही कदम उठाए होते, तो शायद आज हमें यह दिन देखना न पड़ता।

चुनाव को लेकर ये बात

सांसद रॉय ने केंद्रीय बलों की तैनाती का जिक्र करते हुए कहा कि जब लोगों ने देखा कि 2.5 लाख केंद्रीय बल तैनात किए जा रहे हैं, तो उन्हें लगा कि कोई उन्हें वोट डालने से रोक नहीं सकता, तो उनमें आत्मविश्वास जगा। परिणाम स्वरूप, सभी मतदान केंद्रों तक पहुंचे। किसी के होंठों पर कोई शिकायत या हिचकिचाहट नहीं थी। विपक्ष यह समझने में विफल रहा कि क्या हो रहा है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि लोकतंत्र में जनता के फैसले को हमेशा विनम्रता और श्रद्धा के साथ स्वीकार किया जाना चाहिए।

भ्रष्टाचार को संस्थागत रूप देने का आरोप

रॉय ने कहा कि राजनीति में भ्रष्टाचार होता है, लेकिन जब हमने इसे संस्थागत रूप दे दिया, पंचायत स्तर से लेकर उच्चतम स्तर तक तो हर जगह भ्रष्टाचार ही भ्रष्टाचार हो गया। सांसद ने माना कि राजनीतिक कार्यकर्ता पार्टी का कार्यक्रम आगे बढ़ाना चाहते थे, लेकिन भ्रष्टाचार और बिचौलियों ने माहौल खराब कर दिया। सांसद ने उन लोगों पर भी कटाक्ष किया जो लूटपाट, धांधली या अन्य कदाचार के आरोप लगाते हैं। उन्होंने कहा कि अब लोगों के मन में केवल यही सवाल है कि यह पार्टी कब तक जीवित रहेगी? रॉय ने कहा कि वोटर लिस्ट से कुछ असली लोगों के नाम गलती से हटा दिए गए थे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के बाद नागरिकता खोने का कोई खतरा नहीं है। कुछ औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ सकती हैं, जिसके बाद उनकी नागरिकता बनी रहेगी।

पार्टी के पदाधिकारियों पर उठाई अंगुली

सांसद रॉय ने कहा कि आई-पैक ने पैसा बनाने के लिए कई राजनीतिक दलों के साथ काम किया। उन्होंने पार्टी नेतृत्व पर भी सवाल उठाया कि क्या उन्हें उन लोगों के बारे में कोई अंदाजा नहीं था जिन्होंने पैसे देकर टिकट मांगे? उन्होंने स्पष्ट किया कि मैं यह दावा नहीं कर रहा हूं कि हर किसी ने पैसे दिए, पार्टी में अभी भी कई ईमानदार लोग हैं। मैं उन लोगों का जिक्र कर रहा हूं जिन्होंने ये घृणित कार्य किए। रॉय के अनुसार सिर्फ आई-पैक को दोष देना पर्याप्त नहीं है। दोष पार्टी के पदाधिकारियों का भी है, पंचायत से लेकर उच्चतम स्तर तक के कार्यकर्ता और नेता, जिन्होंने नेतृत्व प्रदान किया।

नई सरकार से आम जनता खुश

सांसद ने सीमावर्ती इलाकों का उदाहरण देते हुए कहा कि बांग्लादेश लौटने के लिए हजारों लोग जमा हो गए, इससे स्थिति की गंभीरता साफ होती है। रॉय ने कहा कि घुसपैठ मुख्य रूप से बांग्लादेश से हुई है और कुछ रोहिंग्या म्यांमार से आए हैं। इसमें धर्म की बात कहां से आ गई? घुसपैठ बांग्लादेश से हुई है, पाकिस्तान से नहीं। रॉय ने कहा कि सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में नई सरकार ने अब तक जो काम किए हैं और जो कदम उठाए हैं, उनसे आम जनता इस समय बहुत खुश है। सरकार सही दिशा में आगे बढ़ रही है। एक सरकार को ठीक इसी तरह काम करना चाहिए। सुवेंदु अधिकारी बहुत मेहनती हैं। मुझे शायद ही कभी कोई ऐसा नेता मिला हो जो उनके जितना मेहनती हो।