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कूचबिहार में ग्रामीणों ने सीमा बाड़ के लिए दी जमीन, BSF को सुरक्षा ढांचे के लिए भूमि हस्तांतरण तेज

कूचबिहार के तीन ग्रामीणों ने भारत–बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए अपनी जमीन का हिस्सा दान किया, ताकि घुसपैठ और तस्करी पर रोक लग सके।
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कोलकाता

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Devika Chatraj

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Updated: 30 May 2026, 3:30 PM IST

Bengal

भारत-बांग्लादेश सीमा

बंगाल के कूचबिहार जिले के तीन निवासियों ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए अपनी जमीन का एक हिस्सा दान किया है। निवासियों ने बताया कि यह कदम सुरक्षा चिंताओं के कारण उठाया गया है, क्योंकि सालों से उचित बाड़ न होने के कारण घुसपैठ, तस्करी और कृषि भूमि को नुकसान हो रहा था। यह घटनाक्रम बंगाल में इस महीने की शुरुआत में शुभेन्दु अधिकारी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद सीमावर्ती बुनियादी ढांचे के लिए जमीन सौंपने के व्यापक अभियान के बीच आया है।

जमीन दान करने वाले लोगों ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि बाड़ लगने से गांव और आसपास के सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा में सुधार होगा। भूमि दानदाताओं में से एक विकास राय ने कहा कि यह भूमि गांव के कल्याण और देश की सुरक्षा के लिए दी गई है। उन्होंने कहा कि बाड़बंदी से घुसपैठियों को सीमा पार करने से रोका जा सकेगा और इसके पूरा होने पर गांव और देश दोनों अधिक सुरक्षित हो जाएंगे। राय ने बताया कि उनके परिवार ने 0.2 एकड़ जमीन दी थी। उन्होंने कहा कि बाड़ न होने के कारण पहले बांग्लादेश से लोग रात में इलाके में घुस आते थे, मवेशी चुरा लेते थे और सामान ले जाते थे, और इसी तरह घुसपैठ भी होती रही थी।

उन्होंने बाड़ लगाने को सरकार का एक अच्छा कदम बताया और कहा कि इससे ग्रामीणों को सुविधा और सुरक्षा मिलेगी। जमीन देने वालों में से एक के रिश्तेदार हृदय बर्मन ने सरकार से बाड़ लगाने का काम जल्द से जल्द पूरा करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बाड़ पूरी होने के बाद सीमावर्ती क्षेत्र में रहने वाले लोग अधिक सुरक्षित महसूस करेंगे और बताया कि कांटेदार तार न होने के कारण चोरी और तस्करी बड़े पैमाने पर हो रही थी।

जमीन के मुआवजे के बारे में राय ने कहा कि अभी तक मुआवजा नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि प्रक्रिया जारी है, सर्वेक्षण पूरा हो चुका है और कुछ दिनों में पैसा मिलने की उम्मीद है। भाजपा सरकार ने सत्ता संभालने के बाद बीएसएफ को भूमि सौंपने को प्राथमिकता दी। 28 मई को सरकार ने बीएसएफ को 142.79 एकड़ भूमि सौंपी। यह 11 मई, 2026 को हुई अपनी पहली कैबिनेट बैठक के 45 दिन के भीतर 600 एकड़ भूमि हस्तांतरित करने की योजना का हिस्सा है।

राज्य सरकार ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर चौकियां बनाने और कटीले तारों की बाड़ लगाने के लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को 142.79 एकड़ से ज्यादा जमीन सौंप दी है। यह जमीन हस्तांतरण भाजपा सरकार के 11 मई को पहली मंत्रिमंडल बैठक में लिए गए उस निर्णय का हिस्सा है, जिसके तहत सीमा पर बाड़ लगाने और संबंधित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए 45 दिन के भीतर 600 एकड़ जमीन हस्तांतरित की जानी है।

मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी के मुताबिक राज्य सरकार ने बीएसएफ चौकियों के निर्माण और कटीले तारों की बाड़ लगाने की सुविधा देकर सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा और बढ़ेगी। अब बीएसएफ को और जमीन सौंपी जा रही है। इस पहल के तहत पांच जिलों में खरीदी गई 43 एकड़ जमीन और 31.9 एकड़ निहित भूमि के स्वीकृति आदेश बीएसएफ को सौंपे गए। सरकार ने अवैध प्रवासियों की पहचान और निर्वासन के निर्देश के बाद राज्य सरकार ने सभी जिलों में होल्डिंग सेंटर स्थापित करने की प्रक्रिया तेज कर दी है।