Rajasthan Panchayat Election: राजस्थान में प्रस्तावित पंचायत राज संस्थाओं एवं नगर निकाय चुनावों को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है।
Rajasthan News: राजस्थान में प्रस्तावित पंचायत राज संस्थाओं एवं नगर निकाय चुनावों को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। पुलिस महकमे में पिछले चार वर्षों में से तीन साल तक एक ही स्थान पर जमे पुलिस निरीक्षक, उप निरीक्षक और आरपीएस अधिकारियों का अनिवार्य रूप से स्थानांतरण किया जाएगा।
इस संबंध में अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (कार्मिक) बीजू जॉर्ज जोसेफ ने राजस्थान के पुलिस आयुक्तों, रेंज आईजी और जिला पुलिस अधीक्षकों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों के अनुसार 11 फरवरी तक स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी, जबकि इसकी पालन रिपोर्ट 28 फरवरी तक राज्य निर्वाचन आयोग को भेजनी होगी। निर्देशों में 30 अप्रैल 2026 को कटऑफ डेट माना गया है।
यानी 30 अप्रैल तक जिन अधिकारियों का कार्यकाल संबंधित क्षेत्र में पूरा हो चुका है, उन्हें चुनावी प्रक्रिया शुरू होने से पहले हटाना अनिवार्य होगा। पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को निर्देश दिए हैं कि अपने-अपने स्तर पर ऐसे अधिकारियों की सूची तैयार कर समय रहते स्थानांतरण प्रस्ताव भेजे जाएं।
एडीजी ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था केवल नगर निगम या नगर पालिका क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पंचायत समिति क्षेत्रों में पदस्थ पुलिस अधिकारियों पर भी समान रूप से लागू होगी। लंबे समय से एक ही क्षेत्र में तैनात अधिकारियों के स्थानीय प्रभाव में आने की आशंका को देखते हुए यह कदम जरूरी बताया गया है।
पुलिस विभाग का मानना है कि समय रहते अधिकारियों के स्थानांतरण से चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सुविधा होगी और किसी भी तरह के पक्षपात या दबाव की संभावना कम होगी। राज्य निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत यह प्रक्रिया अनिवार्य मानी जाती है।
जयपुर ग्रामीण सहित कई जिलों में संभावित स्थानांतरणों को लेकर अंदरखाने तैयारियां शुरू हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार आने वाले दिनों में कई थानों में प्रभारी बदले जा सकते हैं। इससे थानों की कार्यप्रणाली में भी बदलाव देखने को मिलेगा। चुनाव से पहले पुलिस महकमे में यह बड़ा फेरबदल निष्पक्ष मतदान और मजबूत कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।