ओबीसी आरक्षण को लेकर पिछले दो दिनों से राजस्थान की सियासत गर्माई हुई है। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार पर निशाना साधा था और कहा था कि राजस्थान में कांग्रेस की सरकार है, लेकिन आठ जिले बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, उदयपुर, सिरोही, राजसमंद, चित्तौड़गढ़ और पाली में ओबीसी आरक्षण शून्य है।
जयपुर। ओबीसी आरक्षण को लेकर पिछले दो दिनों से राजस्थान की सियासत गर्माई हुई है। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार पर निशाना साधा था और कहा था कि राजस्थान में कांग्रेस की सरकार है, लेकिन आठ जिले बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, उदयपुर, सिरोही, राजसमंद, चित्तौड़गढ़ और पाली में ओबीसी आरक्षण शून्य है। केंद्र सरकार की सेवाओं के लिए राजस्थान सरकार द्वारा ओबीसी नॉन क्रीमिलेयर प्रमाण पत्र नहीं दिया जा रहा है।
अब भाजपा ने नया दाव चला है और घोषणा की है कि भाजपा की सरकार बनी तो राजस्थान के डूंगरपुर, प्रतापगढ़, उदयपुर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, पाली व सिरोही जिलों में ओबीसी के सर्टिफिकेट बनाए जाएंगे। भाजपा के राजस्थान प्रभारी अरुण सिंह ने दिल्ली में प्रेसवार्ता कर इसकी घोषणा की। इस दौरान उन्होंने गहलोत सरकार पर जमकर निशाना साधा। अरूण सिंह ने कहा कि प्रदेश के 7 जिलों के ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों के सर्टिफिकेट नहीं बनने की वजह से यहां के युवाओं को सरकारी नौकरियों में आरक्षण का फायदा नहीं मिल पाता है। प्रदेश में हमारी सरकार बनती है तो हम इन 7 जिलों के ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों के भी सर्टिफिकेट बनाएंगे। इससे पहले राष्ट्रीय सचिव अलका सिंह गुर्जर ने भी जयपुर में अशोक गहलोत सरकार पर निशाना साधा था और कहा था कि प्रदेश के घोषणावीर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत खुद ओबीसी वर्ग के हैं, इसके बावजूद प्रदेश में पिछडा वर्ग के लोगों की स्थिति बदतर है।
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इसलिए नहीं बन रहे हैं सर्टिफिकेट
दरअसल इन जिलों में आदिवासी आऱक्षण ही दिया जा रहा है, जिसकी वजह से यहां ओबीसी आरक्षण का प्रावधान नहीं है। हालांकि यहां ओबीसी वर्ग के लाखों लोग निवास करते हैं। भाजपा की यह घोषणा इस वर्ग को अपनी ओर खींचने का प्रयास है। वैसे की भाजपा ने आदिवासी इलाकों पर फोकस कर रखा है। इस घोषणा को उससे जोड़कर देखा जा रहा है।