
जयपुर। वन मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा है कि उपचुनाव में तीनों सीटें जीतने को लेकर पार्टी पर काफी दबाव है। कांग्रेस की तो इनमें से कोई सीट नहीं थी, फिर उनके ऊपर किस बात का दबाव। खींवसर बुधवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में जनसुनवाई के दौरान मीडिया से बात कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने अजमेर और अलवर लोकसभा क्षेत्र, माण्डलगढ़ विधानसभा क्षेत्र सहित प्रदेशभर में काफी विकास कराए हैं। इसी आधार पर तीनों सीटों पर होने वाले उप चुनाव में जीत दर्ज कराएंगे। इन सीटों पर उम्मीदवार चयन को लेकर कहा कि अभी चुनाव आयोग ने चुनावों की घोषणा नहीं की। ऐसे में अभी उम्मीदवार कौन होगा, इस पर ज्यादा फोकस के बजाय क्षेत्र में जमीनी स्तर पर काम किया जा रहा है। मतदाता सूची का अवलोकन कर रहे हैं।
इसी प्रकार खान मंत्री सुरेन्द्रपाल टीटी ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में काफी विकास कराया है। इसी विकास के मुद्दे और संगठन की ताकत के बल पर चुनाव जीतेंगे।
गौरतलब है कि राज्य की दो लोकसभा सीटों के लिए होने जा रहे उपचुनाव में भाजपा को 17 विधानसभा सीटों पर अपना दमखम दिखाना होगा। इसे देखते हुए पार्टियां विधानसभा के हिसाब से रणनीति बना रही हैं। भाजपा ने प्रदेश में अपनी स्टार प्रचारक मुख्यमंत्री को हर सीट पर ले जाने की योजना बना ली है, वहीं कांग्रेस पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ पीसीसी अध्यक्ष सचिन पायलट को मैदान में उतारने की तैयारी में है।
अलवर लोकसभा सीट पर भाजपा को हमेशा बाहरी प्रत्याशी पर दांव खेलना पड़ा है। यहां से अब तक तीन बार भाजपा प्रत्याशी जीत सके हैं और तीनों ही बाहरी प्रत्याशी रहे हैं। महेन्द्रकुमारी, जसवंत यादव, चांदनाथ अब तक यहां से भाजपा के टिकट पर जीते हैं। वहीं अजमेर सीट पर परिसीमन के बाद भाजपा का दमखम कम पड़ गया है। इन सीटों पर कांग्रेस का परंपरागत वोटबैंक मौजूद है। कांग्रेस के सामने चुनौती बस इसे वापस लाने की है।
अजमेर में आठ में से सात पर भाजपा
वहीं अजमेर लोकसभा में आने वाली आठ विधानसभा सीटों में से सात पर भाजपा का कब्जा है। एकमात्र सीट नसीराबाद है, जो उपचुनाव में कांग्रेस ने भाजपा से छीनी है, लेकिन इस लोकसभा क्षेत्र में दूदू, पुष्कर, मसूदा जैसी सीटें भी हैं, जहां कांग्रेस का दबदबा रहा है।