
Madan Dilawar Warned : राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर। फाइल फोटो पत्रिका
Madan Dilawar Warned : राजस्थान के सवाईमाधोपुर जिले एक शिक्षिका ने अपने पैसे गुम होने पर स्कूली छात्राओं के कपड़े उतरवाकर तलाशी ली। जिसकी जानकारी होने के बाद ग्रामीणों ने इसका विरोध किया। स्कूल में तालाबंदी और हंगामे की सूचना मिलते ही मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी प्रतिभा मीणा ने तुरंत घटना का संज्ञान लिया। जिसके बाद आरोपी शिक्षिका सरस्वती मीणा को निलंबित कर दिया गया। इस मामले में राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने अपनी नाराजगी जताई। साथ ही कहा, यह घटना लिवली के सीनियर सेकेंडरी स्कूल में हुई, जहां एक शिक्षिका ने अपने पैसे खो जाने के बाद तलाशी लेने के लिए सभी लड़कियों के कपड़े उतरवा दिए। विभाग ने इस व्यवहार को पूरी तरह से अस्वीकार्य माना है और मामला सामने आते ही इसमें शामिल लोगों के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई की है।
मदन दिलावर ने कहाकि आरोपी शिक्षिका सरस्वती मीणा सेकेंड ग्रेड की टीचर थी, उसे तत्काल निलंबित कर मुख्यालय से दूर भेज दिया है। इसके अतिरिक्त जो हमारी व्यावसायिक शिक्षा की टीचर थी, जिसे हम प्लेसमेंट एजेंसी के जरिए लेते हैं, उसे तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया है यानि नौकरी से हटा दिया है।
राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहाकि मैं शिक्षा विभाग में ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं करूंगा जिनसे शिक्षकों और पूरे विभाग की बदनामी हो। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए विभाग पूरी तरह सतर्क है।
यह मामला सवाईमाधोपुर के बामनवास उपखंड क्षेत्र के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय लिवाली का था। बताया जा रहा इस घटना की वजह से बुधवार सुबह बड़ा हंगामा मच गया। अभिभावक और ग्रामीणों ने स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया। स्कूल में तालाबंदी और हंगामे की सूचना मिलते ही मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी प्रतिभा मीणा तुरंत मौके पर पहुंचीं। सीबीईओ ने मामले की गंभीरता और सत्यता भांपते हुए तुरंत इसकी विस्तृत रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को प्रेषित की।
सीबीईओ की त्वरित रिपोर्ट पर स्कूल शिक्षा भरतपुर मंडल के संयुक्त निदेशक दलवीर सिंह ने तत्काल प्रभाव से राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1958 के नियम 13 के तहत वरिष्ठ अध्यापिका सरस्वती मीणा को निलंबित कर दिया है। निलंबन काल के दौरान उनका मुख्यालय सीबीईओ कार्यालय राजाखेड़ा (धौलपुर) तय किया गया है। इसके साथ ही, स्कूल की व्यावसायिक शिक्षा प्रशिक्षक वंदना शर्मा को कार्यमुक्त कर दिया गया है।
इस घटनाक्रम में स्कूल के प्रधानाचार्य मनोज कुमार मीणा की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। सीबीईओ प्रतिभा मीणा ने माना कि प्रधानाचार्य ने समय रहते इस बेहद गंभीर और संवेदनशील मामले को दबाने का प्रयास किया और इसे गंभीरता से नहीं लिया। इस घोर लापरवाही को देखते हुए उनके खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र लिख दिया गया है।
Updated on:
16 Jul 2026 01:51 pm
Published on:
16 Jul 2026 01:48 pm
