
Rajasthan BJP : राजस्थान प्रदेश भाजपा संगठन में जिला स्तर पर संगठनात्मक दायित्वों के चयन की प्रक्रिया में बदलाव किया जा रहा है। स्थानीय संगठन में नियुक्ति के लिए जिलाध्यक्ष एक नाम भेजने के बजाय तीन नामों का पैनल संगठन को भेजेंगे। अंतिम चयन इन्हीं नामों में से होगा। साथ ही, किसी भी स्तर पर संगठनात्मक दायित्व देने से पहले संबंधित संभाग प्रभारी की भी राय लेनी होगी। संगठन का मानना है कि इससे नियुक्तियों में पारदर्शिता बढ़ेगी, स्थानीय स्तर पर बेहतर समन्वय बनेगा और योग्य कार्यकर्ताओं का चयन सुनिश्चित होगा। सूत्रों के अनुसार हाल ही में हुई संगठनात्मक बैठकों में इस व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा हुई।
इस बात पर भी जोर दिया जा रहा है कि राजस्थान प्रदेश भाजपा संगठन में बिना पर्याप्त संगठनात्मक अनुभव के सीधे अहम जिम्मेदारियां देने की प्रवृत्ति पर कुछ अंकुश लगे। नई व्यवस्था में कार्यकर्ता की सक्रियता, पूर्व दायित्व और संगठनात्मक अनुभव को चयन का प्रमुख आधार बनाया जाना प्रस्तावित है। संगठन का मानना है कि इससे जिम्मेदारी देने का काम अधिक पारदर्शी होगा और कार्यकर्ताओं में योग्यता व प्रदर्शन के आधार पर आगे बढ़ने का संदेश जाएगा।
पार्टी के प्रवक्ताओं और मीडिया पैनलिस्टों के कामकाज का फीडबैक भी मांगा गया है। संगठन जानना चाहता है कि किसने मीडिया में पार्टी का पक्ष प्रभावी ढंग से रखा और कौन सक्रिय रहा। इस आधार पर जरूरत पड़ने पर मीडिया टीम में बदलाव भी किया जा सकता है।
वहीं दूसरी तरफ भाजपा प्रदेश संगठन यमुना जल समझौते की बड़ी उपलब्धि को आमजन तक पहुंचाने की तैयारी में जुट गया है। इसके तहत शेखावाटी क्षेत्र के गांव-गांव और ढाणियों तक इस समझौते के लाभों की जानकारी पहुंचाई जाएगी। इसी कड़ी में चूरू में बड़े जनआयोजन की भी तैयारी शुरू कर दी गई है। इसकी जिम्मेदारी वरिष्ठ नेता राजेन्द्र राठौड़ संभालेंगे। इस आयोजन में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री, मुख्यमंत्री सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं को आमंत्रित करने की योजना है।
29 जून को दिल्ली के कर्तव्य भवन में एक इतिहास लिखा गया था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा व हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ने यमुना जल समझौते से जुड़े मेमोरेंडम ऑफ़ एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए थे। इस अवसर पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल भी मौजूद थे। इस समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद सीएम भजनलाल ने अपनी खुशी का इजहार करते हुए कहा था कि आज का दिन दोनों राज्यों के लिए एक बहुत अहम दिन है। एक ऐसा दिन जो इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा।