जयपुर

राजस्थान निकाय चुनाव के लिए BJP का घोषणा पत्र जारी, जानें 52 वादे और CM भजनलाल के संबोधन की बड़ी बातें

Rajasthan BJP Civic Polls Manifesto 2026 : राजस्थान निकाय चुनाव 2026 के लिए BJP ने 'नगरीय विकास संकल्प पत्र' जारी किया। CM भजनलाल ने 1 लाख प्लॉट, ई-बसों और 'वन स्टेट वन इलेक्शन' का किया बड़ा ऐलान।
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Sep 02, 2026
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Rajasthan BJP Manifesto for Nagar Nikay Election 2026 - PIC

राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव- 2026 का शंखनाद हो चुका है और इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बुधवार को जयपुर में अपना बहुप्रतीक्षित चुनावी घोषणा पत्र 'नगरीय विकास संकल्प पत्र' जारी कर दिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ और घोषणा पत्र समिति के संयोजक घनश्याम तिवाड़ी की मौजूदगी में जारी किए गए इस विजन डॉक्यूमेंट में प्रदेश के 309 नगरीय निकायों के कायाकल्प का खाका खींचा गया है। सीएम भजनलाल ने साफ किया कि यह केवल घोषणा पत्र नहीं बल्कि एक संकल्प है। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने पिछले 32 महीनों में 78 प्रतिशत चुनावी वादे पूरे किए हैं और अब 'वन स्टेट वन इलेक्शन' के जरिए प्रदेश का करोड़ों रुपया और समय बचाया जा रहा है, जिसे कांग्रेस बेवजह बर्बाद करती थी। इस दौरान राष्ट्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी, सांसद मंजू शर्मा, जयपुर नगर निगम ग्रेटर की पूर्व मेयर सौम्या गुर्जर सहित संगठन के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

क्या है BJP के पिटारे में?

शहरी आम जन के लिए गारंटी

आवासीय भूखंड: अगले 5 वर्षों में शहरी क्षेत्रों के अलग-अलग आय वर्गों के लिए एक लाख आवासीय प्लॉट आवंटित करने की कार्यवाही की जाएगी।

घरेलू पीएनजी (PNG): आगामी 5 वर्षों में 7 लाख से अधिक घरों में रसोई गैस (PNG) के कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएंगे।

पिंक टॉयलेट्स: राज्य के सभी शहरी क्षेत्रों के लिए महिलाओं की सुविधा हेतु 2000 पिंक टॉयलेट्स (Pink Toilets) का निर्माण कराया जाएगा।

स्ट्रीट लाइट: प्रत्येक निकाय में, नए और बाहरी रिहायशी इलाकों में 15 लाख स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी।

वरिष्ठ नागरिक सेवा केंद्र: बुजुर्गों को सम्मानजनक और अच्छी दिनचर्या देने के लिए सामुदायिक केंद्रों पर जन सहभागिता से प्रथम चरण में नगर निगमों एवं परिषदों में 'वरिष्ठ नागरिक सेवा केंद्रों' की स्थापना की जाएगी। शेष निकायों में चरणबद्ध रूप से ये केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

विक्रेताओं व चालकों का बीमा: प्रत्येक निकाय में, पंजीकृत स्ट्रीट वेंडर्स, सीएनजी ऑटो चालकों और टैक्सी चालकों को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत बीमा कवर देने की कार्यवाही की जाएगी।

वेंडिंग जोन: प्रत्येक निकाय में, स्ट्रीट वेंडर्स (रेहड़ी-पटरी वालों) के लिए अलग से आधुनिक सुविधाओं युक्त वेंडिंग जोन निर्धारित किया जाएगा ताकि वे सम्मान के साथ अपना रोजगार चला सकें।

पार्किंग स्थल: प्रत्येक निकाय क्षेत्र में आवश्यकता अनुसार पार्किंग स्थल विकसित किए जाएंगे।

फूड कोर्ट: लोगों को साफ़-सुथरा, शुद्ध और पौष्टिक खाना देने के लिए नगर निगम एवं नगर परिषदों में फूड कोर्ट स्थापित करने की कार्यवाही की जाएगी।

कचरा मुक्त शहर: प्रत्येक निकाय में, सभी डंपिंग साइट्स पर सालों से जमा पुराने कचरे का 100 प्रतिशत वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण (Disposal) करने की कार्यवाही की जाएगी।

कचरा वाहनों की ट्रैकिंग: घर-घर जाकर कचरा उठाने वाली सभी गाड़ियों पर व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम (Vehicle Tracking System) लगाने की कार्यवाही की जाएगी।

सीवरेज व्यवस्था: अगले 5 वर्षों में 3,000 किलोमीटर पुरानी सीवर लाइन की मरम्मत/परिवर्धन करने की कार्यवाही की जाएगी।

निराश्रित पशुओं के लिए शेल्टर होम: सभी शहरी निकायों में विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से जनभागीदारी द्वारा शेल्टर होम स्थापित किए जाएंगे। इनके लिए भूमि राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध करायी जाएगी।

एलईडी लाइट्स: सभी निकाय क्षेत्रों में प्रत्येक वार्ड तक एलईडी लाइट्स की व्यवस्था की जाएगी।

सीसीटीवी कैमरे: प्रत्येक निकाय में, सुरक्षा, अपराध नियंत्रण व निगरानी हेतु सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की जाएगी।

प्रमुख मार्गों का विकास: प्रत्येक निकाय में, शहर के प्रमुख मार्गों को विकसित कर चौराहों का सौंदर्यकरण किया जाएगा।

अनुमति/लाइसेंस प्रक्रिया: प्रत्येक निकाय में अनुमति/लाइसेंस प्रक्रिया सुगम व पारदर्शी बनाई जाएगी तथा भवन निर्माण के नक्शों की फाइलों को ऑनलाइन प्रक्रिया द्वारा एक सप्ताह में निस्तारण किया जाएगा।

पर्यावरण युक्त ट्रैक एवं ओपन जिम: प्रत्येक निकाय में प्रातः भ्रमण हेतु ट्रैक बनाए जाएंगे तथा पार्कों में ओपन जिम तथा आवश्यकता अनुसार योग टीचर की व्यवस्था की जाएगी।

इनडोर स्टेडियम: खेलों को बढ़ावा देने के लिए सभी नगर निगम, नगर परिषद मुख्यालयों पर इनडोर स्टेडियमों का निर्माण कराया जाएगा।

नगर वन और वाटिकाएं: प्रत्येक निकाय में, वायु गुणवत्ता (air quality) सुधारने और हरियाली बढ़ाने के लिए नगर वन और 'लवकुश' वाटिकाएं विकसित की जाएंगी।

स्मृति वन: नगर निगम, नगर परिषद मुख्यालयों पर जन सहयोग से वृक्षारोपण कर ग्रीन बेल्ट व ग्रीन एरिया का निर्माण किया जाएगा।

भूमि अभिलेख रिकॉर्ड: 'NAKSHA' (नेशनल जियोस्पेशियल नॉलेज बेस्ड लैंड सर्वे ऑफ़ अर्बन हैबिटेशन्स) योजना के तहत भरोसेमंद और कानूनी रूप से प्रमाणित भूमि रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।

भूमि सम्बन्धी समस्याओं का निवारण: परिधीय क्षेत्र में रहने वाले निवासियों की भूमि सम्बन्धी समस्याओं के निवारण के लिए आवश्यक प्रावधान किए जाएंगे।

ट्रैफ़िक एवं पार्किंग नीति: आम जन की इस समस्या के समाधान हेतु नीति बनाई जाएगी जिसमें सिग्नललेस व्यवस्था, अंडरपास, ब्रिज, भीड़भाड़ क्षेत्रों में मल्टीस्टोरी पार्किंग/सामूहिक पार्किंग आदि इंतजाम सम्मिलित रहेंगे।

बिजली लाइन भूमिगत करना: घनी आबादी वाले क्षेत्रों में बिजली की हाई-टेंशन (HT) लाइनों को चरणबद्ध तरीके से ज़मीन के नीचे डालने हेतु कार्य किया जाएगा।

रिंग रोड: शहरों में गाड़ियों के दबाव और ट्रैफ़िक जाम को कम करने के लिए रिंग रोड के निर्माण की कार्यवाही की जाएगी।

वाटर हार्वेस्टिंग: शहरी निकायों के प्रमुख पार्कों व अन्य स्थानों, जहां पानी इकट्ठा होता है, में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाया जाएगा ताकि वर्षा के पानी का संग्रहण किया जा सके और भू-जल स्तर को बढ़ाया जा सके।

कचरा और अपशिष्ट जल प्रबंधन: प्राइवेट पार्टनरशिप (निजी सहभागिता) से सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट और वेस्ट वाटर मैनेजमेंट सिस्टम लगाए जाएंगे, जिससे खाद बने और साफ किए गए पानी (Treated water) का इस्तेमाल उद्योगों व खेती में हो सके।

बिना खुदाई सड़क मरम्मत: सभी नगर निगमों में सीसीटीवी सर्वे के जरिए खराब सड़कों/सीवर लाइनों की जांच की जाएगी और बिना सड़क खोदे आधुनिक ट्रेंचलेस तकनीक से उन्हें बदलने की कार्यवाही की जाएगी।

रोबोटिक सीवरेज सफाई: सीवरेज और मैनहोल की सफ़ाई के दौरान होने वाले हादसों को रोकने के लिए शहरी निकायों को चरणबद्ध ढंग से अत्याधुनिक रोबोटिक 3-इन-1 सफाई मशीनें और डिजिटल गैस डिटेक्टर उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।

अटल रोजगार मेले एवं ई-लाइब्रेरी: क्षेत्रों के युवाओं के लिए आवश्यकता के आधार पर ई-लाइब्रेरी की व्यवस्था एवं रोजगार मेलों का आयोजन किया जाएगा।

नगर निगमों में इंटर्नशिप: युवाओं को नगर प्रशासन से जोड़ने के लिए इंटर्नशिप की व्यवस्था लागू की जाएगी।

ईवी चार्जर पॉइंट्स: ई-बिड के माध्यम से होर्डिंग/यूनिपोल की तर्ज पर ईवी चार्जर पॉइंट्स बनाए जाएंगे।

AI सुरक्षा तकनीक: बेहतर ट्रैफ़िक मैनेजमेंट और सुरक्षा के लिए सभी अभय कमांड सेंटर्स (Abhay Command Centres) को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक से जोड़ने हेतु कार्यवाही की जाएगी।

हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर: प्राथमिक और सामुदायिक चिकित्सा केंद्रों को आधुनिक हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा।

सोलर प्लांट: पीएम सूर्यघर योजना के तहत घरों की छतों पर सोलर प्लांट लगवाने की कार्यवाही की जाएगी।

सफाई कर्मियों एवं अन्य पदों की भर्ती: योजनाबद्ध तरीके से भर्ती सुनिश्चित की जाएगी।

वार्ड ही विकास का आधार: प्रत्येक निकाय में वार्ड ही विकास का आधार हो, इसे ध्यान में रखते हुए शहर के चहुंमुखी विकास का प्रयत्न किया जाएगा।

पेयजल एवं बिजली आपूर्ति: प्रभावित निकायों में पेयजल आपूर्ति में सुधार किया जाएगा एवं 24 घंटे (डोमेस्टिक) विद्युत आपूर्ति की जाएगी।

आधारभूत सुविधाओं का विकास: नगर निकाय, जिनकी सीमाओं का विस्तार हुआ है, में प्राथमिकता से आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जाएगा। सीमा क्षेत्र में आए नवीन ग्रामों में सीवरेज, जल की व्यवस्था, सफाई व्यवस्था, कचरा संग्रहण तथा कचरा निस्तारण के साथ ही सड़कों का विस्तार, रोड-लाइट तथा बिजली की व्यवस्था चरणबद्ध रूप से की जाएगी।

ई-बसें (E-Buses): सभी नगर निगम क्षेत्रों में सुरक्षित, सुविधाजनक और पर्यावरण के अनुकूल सफ़र के लिए ई-बसों के माध्यम से सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था शुरू की जाएगी। महिलाओं एवं सीनियर सिटीजन का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

ट्रैफ़िक लाइट फ्री सड़कें: यातायात को सुचारू रूप से चलाने के उद्देश्य से मुख्य सड़कों और चौराहो को ट्रैफ़िक light फ्री बनाए जाने हेतु समुचित कार्यवाही की जाएगी।

प्रदूषण नियंत्रण: NCAP और NCR के अंतर्गत आने वाले शहरों में पॉल्यूशन रोकने के लिए स्मॉग टॉवर (Smog Tower) और एंटी-स्मॉग गन उपलब्ध कराने के साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों के कारण हो रहे प्रदूषण को नियंत्रित करते हुए उद्योगों के संचालन संबंधी व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जाएगी।

डिस्टर्ब एरिया एक्ट: चुनिंदा शहरों में आवश्यकता अनुसार डिस्टर्ब एरिया एक्ट लागू करने की कार्यवाही की जाएगी।

सीवरेज सिस्टम: राज्य के आवश्यकता वाले नगरीय निकायों में चरणबद्ध तरीके से सीवरेज व्यवस्था स्थापित की जाएगी।

जल भराव: प्रभावित निकाय एवं क्षेत्रों की समस्या का यथोचित समाधान किया जाएगा।

रात्रि कालीन सफाई की व्यवस्था: अत्यधिक यातायात प्रभावित निकाय/क्षेत्रों में रात्रिकालीन सफाई की व्यवस्था की जाएगी।

बाजारों का विकास एवं मिश्रित आबादी क्षेत्र: निकायों के ऐसे क्षेत्रों का अध्ययन कर इस हेतु नीति निर्धारित की जाएगी तथा बाजार क्षेत्रों का विकास एवं नए बाजार चिह्नित किए जाएंगे।

सुपर स्पेशलिटी हेल्थकेयर: जिलों के मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशलिटी यूनिट्स बनाई जाएंगी ताकि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।

प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी: प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी को प्रत्येक निकाय में लागू कर एससी/एसटी, पात्र ओबीसी तथा ईडब्ल्यूएस वर्गों को लाभान्वित किया जाएगा।

हाईराइज बिल्डिंग का निर्माण: शहरों के सुनियोजित, आधुनिक एवं वर्तमान की आवश्यकता के अनुसार हाईराइज बिल्डिंग के निर्माण पर विचार किया जाएगा तथा इन बिल्डिंग्स में पेयजल, अन्य आधारभूत सुविधाओं एवं सभी सुरक्षा मानदंडों को सुनिश्चित किया जाएगा।

हेरिटेज स्थल/स्थान का संरक्षण एवं विकास: विभिन्न निकायों में स्थित हवेलियों, हेरिटेज स्थल/स्थान का संरक्षण किया जाएगा तथा पार्क, तालाब, प्रसिद्ध धार्मिक स्थल, पर्यटन स्थल एवं मोक्षधाम आदि का समुचित विकास किया जाएगा।

धार्मिक, सांस्कृतिक एवं विरासत के संरक्षण के लिए विकास कार्य करवाए जाएंगे।
इसके साथ-साथ निकाय की विशेष आवश्यकताओं के अनुसार विभिन्न कार्य/गतिविधियां भी सुनिश्चित की जाएंगी यथा पर्वत, झीलों, आदिवासी क्षेत्र आदि के संबंध में समुचित कार्यवाही की जाएगी।

CM भजनलाल के संबोधन की बड़ी बातें

आवास और प्लॉट: सभी वर्गों के लिए अगले 5 सालों में 1 लाख नए आवासीय प्लॉट आवंटित किए जाएंगे।

क्लीन एंड ग्रीन सिटी: शहरों में 15 हजार नई स्ट्रीट लाइटें और ई-चार्जिंग सिस्टम (E-Charging Stations) लगाए जाएंगे। जयपुर में ई-बसों को स्वीकृति मिल चुकी है और मेट्रो का विस्तार किया जा रहा है।

ऊर्जा और गैस: शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे घरेलू बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी और 7 लाख नए पीएनजी (PNG) कनेक्शन दिए जाएंगे।

रोबोटिक सफाई, 2000 पिंक टॉयलेट और डिस्टर्ब एरिया एक्ट

महिलाओं के लिए शहरों में 2 हजार 'पिंक टॉयलेट' (Pink Toilets) का निर्माण होगा।

शहरों में साफ-सफाई के लिए नई रोबोटिक मशीनें खरीदी जाएंगी और सफाई कर्मियों की योजनाबद्ध तरीके से बंपर भर्ती होगी।

पुराने कचरे (Legacy Waste) का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जाएगा।

3000 किलोमीटर लंबी पुरानी सीवरेज लाइनों का विस्तार और मरम्मत कार्य होगा।

शहरी शांति बनाए रखने के लिए सख्त 'डिस्टर्ब एरिया एक्ट' (Disturbed Area Act) लागू किया जाएगा।

छोटे कारोबारियों को जगह और आवारा पशुओं के लिए शेल्टर

सीएम भजनलाल ने छोटे व्यापारियों और रेहड़ी-पटरी (ठेले) वालों को आश्वस्त किया कि उन्हें रोजगार के लिए स्थायी और सुरक्षित जगह मुहैया कराने के लिए एक नई योजना लाई जा रही है। इसके अलावा, शहरी सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए आवारा पशुओं को रखने हेतु आधुनिक शेल्टर होम बनाए जाएंगे और व्यवस्थित पार्किंग स्थल विकसित किए जाएंगे।

20 साल का मास्टर प्लान और विधायकों को 28 करोड़ का फंड

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि शहरी विकास के काम टुकड़ों में नहीं बल्कि आगामी 10 से 20 सालों की दीर्घकालिक योजना (Masterplan) के तहत किए जाएंगे। पानी की पाइपलाइन भी 10 साल की जरूरत को ध्यान में रखकर बिछाई जाएगी।

उन्होंने बताया कि राज्य के बड़े जिलों और संभाग मुख्यालयों पर 'रिंग रोड' प्रोजेक्ट्स लाए जाएंगे। पर्यटन और धार्मिक स्थलों का संरक्षण होगा। शहरी विकास में कोई कमी न रहे, इसके लिए सरकार ने हर विधायक को 28-28 करोड़ रुपये का भारी-भरकम फंड उपलब्ध कराया है।

कांग्रेस पर सीधा हमला: 'उन्होंने चुनाव खींचे, हमने फिजूलखर्ची रोकी'

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने संबोधन में पिछली कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का एकमात्र ध्येय निकाय और पंचायत चुनावों को ढाई-ढाई साल तक खींचकर बार-बार आचार संहिता लगाना था, जिससे राज्य के राजस्व और समय की भारी बर्बादी हुई।

सीएम ने कहा, "हमने बार-बार चुनावों में होने वाली इस फिजूलखर्ची को रोकने के लिए ही 'वन स्टेट वन इलेक्शन' का नारा दिया और इसे धरातल पर लागू किया। हम जो कहते हैं, वो करके दिखाते हैं।" प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने भी तंज कसते हुए कहा कि जो काम कांग्रेस सरकार 5 साल में करती थी, वो भजनलाल सरकार ने 32 महीने (ढाई साल) में ही कर दिखाए हैं।