
Jyoti Khandelwal with Madan rathore - File PIC
राजस्थान की राजधानी जयपुर के नगर निगम चुनाव 2026 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा जारी की गई प्रत्याशियों की सूची में सबसे ज्यादा चर्चा जिस नाम की हो रही है, वह है पूर्व महापौर और पूर्व सांसद प्रत्याशी डॉ. ज्योति खंडेलवाल। कभी पूरे जयपुर शहर की कमान संभालने वाली और कांग्रेस के टिकट पर 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ चुकीं कद्दावर नेता ज्योति खंडेलवाल को भाजपा ने किशनपोल विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर 110 से वार्ड पार्षद का प्रत्याशी घोषित किया है। राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 से ठीक पहले अक्टूबर 2023 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुईं ज्योति खंडेलवाल के लिए यह फैसला कई मायनों में अप्रत्याशित माना जा रहा है। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ने यह दांव बिना किसी ठोस रणनीति के नहीं खेला है, बल्कि इसके पीछे जयपुर नगर निगम के आगामी बोर्ड में मेयर पद की कुर्सी पर नजरें टिकाना है।
भाजपा की घोषित अधिकृत सूची में जैसे ही वार्ड 110 के आगे डॉ. ज्योति खंडेलवाल का नाम आया, वैसे ही राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गईं। दरअसल, भाजपा ने अपनी निवर्तमान मेयर कुसुम यादव का टिकट काटकर ज्योति खंडेलवाल को चुनावी मैदान में उतारा है। पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि किशनपोल और परकोटे के इलाके में ज्योति खंडेलवाल की व्यक्तिगत पकड़ बेहद मजबूत है।
स्थानीय वैश्य समाज, व्यापारिक संगठनों और महिला मतदाताओं के बीच उनका सीधा जुड़ाव रहा है। ऐसे में एक मजबूत चेहरे को वार्ड 110 से उतारकर भाजपा न केवल उस सीट पर जीत सुनिश्चित करना चाहती है, बल्कि आसपास के 4-5 वार्डों पर भी सकारात्मक प्रभाव डालना चाहती है।
जयपुर के राजनीतिक पंडितों का मानना है कि ज्योति खंडेलवाल का कद एक साधारण पार्षद का नहीं है। भाजपा में शामिल होने के बाद से ही वे संगठन के काम में सक्रिय थीं। चर्चा यह भी है कि नगर निगम चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद यदि भाजपा का बोर्ड बनता है, तो ज्योति खंडेलवाल मेयर पद की सबसे प्रबल और अनुभवी दावेदार होंगी। उनके पास 2009 से 2014 तक जयपुर नगर निगम चलाने का 5 साल का व्यावहारिक अनुभव है। वे शहर की प्रशासनिक और बुनियादी समस्याओं को बारीकी से समझती हैं। इसलिए भाजपा ने उन्हें पार्षद का टिकट देकर पहले खुद की जीत साबित करने और फिर बड़े पद की रेस में शामिल होने का मौका दिया है।
ज्योति खंडेलवाल का राजनीतिक सफर काफी 'आक्रामक' रहा है। साल 2009 में जब राजस्थान में पहली बार मेयर पद के लिए सीधे चुनाव हुए थे, तब उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर भाजपा की दिग्गज नेता सुमन शर्मा को 13,500 वोटों से हराकर इतिहास रचा था और जयपुर की पहली महिला मेयर बनी थीं।
अपने 5 साल के कार्यकाल के दौरान वे तत्कालीन अपनी ही कांग्रेस सरकार के अधिकारियों और व्यवस्थाओं के खिलाफ भी मुखर रहीं, जिससे उनकी छवि एक भ्रष्टाचार विरोधी और निडर नेता के रूप में बनी।
साल 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने जयपुर संसदीय सीट से 48 सालों के लंबे इंतजार के बाद किसी महिला को प्रत्याशी बनाया था और वह नाम ज्योति खंडेलवाल का ही था। हालांकि, उस चुनाव में उन्हें भाजपा के रामचरण बोहरा से हार का सामना करना पड़ा था।
इसके बाद कांग्रेस के भीतर जमीनी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए उन्होंने अक्टूबर 2023 में भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली थी।
ज्योति खंडेलवाल के राजनीतिक करियर में एक अनोखा दोहराव देखने को मिल रहा है। उन्होंने कांग्रेस के जमाने में भी अपने करियर की शुरुआत वार्ड पार्षद का चुनाव लड़कर ही की थी, जिसके बाद वे मेयर और लोकसभा प्रत्याशी के पद तक पहुंचीं।
अब भाजपा के बैनर तले अपनी नई राजनीतिक पारी की जमीनी शुरुआत भी वे एक बार फिर वार्ड 110 से पार्षद का चुनाव लड़कर ही करने जा रही हैं। देखना दिलचस्प होगा कि यह राजनीतिक दांव उन्हें दोबारा जयपुर के मेयर की कुर्सी तक पहुंचाता है या नहीं।
जयपुर निकाय चुनाव 2026 से जुड़े आधिकारिक निर्देशों, प्रत्याशी विवरण और वार्ड-वार अधिसूचनाओं के लिए राज्य सरकार के अधिकृत पोर्टल्स का अवलोकन करें:
राज्य निर्वाचन आयोग राजस्थान की गाइडलाइंस के लिए State Election Commission Rajasthan Portal पर विजिट करें।
जयपुर नगर निगम और स्थानीय निकाय अपडेट्स के लिए Local Self Government Department Rajasthan का अवलोकन करें।
Updated on:
31 Aug 2026 12:33 pm
Published on:
31 Aug 2026 12:15 pm
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