
Rajasthan Congress - File PIC
राजस्थान के नगर निकाय चुनाव 2026 को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच शह-मात का खेल बेहद दिलचस्प दौर में पहुंच गया है। कई दिनों की मैराथन बैठकों और भारी माथापच्ची के बाद रविवार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने लगभग सभी जिलों में अपने प्रत्याशियों के टिकटों का अंतिम फैसला कर लिया है। पार्टी ने बगावत और भितरघात के डर से प्रदेश स्तर पर उम्मीदवारों की कोई आधिकारिक सूची सार्वजनिक रूप से जारी नहीं करने का अनोखा रास्ता निकाला है। इसके बजाय सीधे जिलाध्यक्षों, जिला प्रभारियों और विधानसभा प्रभारियों को अधिकृत सिंबल भेज दिए गए हैं, जिन्हें आज (सोमवार) को रिटर्निंग ऑफिसर (RO) के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
पार्टी नेतृत्व की प्राथमिकता अब नामांकन दाखिल होने के बाद कार्यकर्ताओं की नाराजगी को शांत करने और संभावित बगावत को रोकने पर टिकी हुई है।
राजधानी जयपुर के नगर निगम वार्डों के लिए टिकट तय करना कांग्रेस नेतृत्व के लिए सबसे पेचीदा काम साबित हुआ। रविवार देर शाम तक प्रदेश कांग्रेस वाररूम में टिकटों के दावों को लेकर मंथन जारी रहा।
स्थानीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए पार्टी ने सूची जारी करने के बजाय अंतिम फैसले का अधिकार जिला प्रभारियों पर छोड़ दिया है। जयपुर के जिला प्रभारियों को बंद लिफाफे में अधिकृत फॉर्म और सिंबल सौंप दिए गए हैं, ताकि नामांकन के आखिरी समय में किसी भी तरह के विरोध-प्रदर्शन से बचा जा सके।
कोटा जिले में शनिवार तक सहमति न बनने के बाद रविवार को प्रदेश कांग्रेस की सह-प्रभारी पूनम पासवान खुद एक्शन मोड में आईं। उन्होंने कोटा के वरिष्ठ नेताओं और जिला प्रभारी के साथ लंबी बैठक की, जिसके बाद जिला प्रभारी पुष्पेंद्र भारद्वाज को पार्टी के आधिकारिक सिंबल सौंपे गए।
भीलवाड़ा जिले के निकाय टिकटों को लेकर खींचतान काफी गंभीर रूप ले चुकी है। दो दिन पहले प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की मौजूदगी में पूर्व मंत्री रामलाल जाट और पूर्व विधायक धीरज गुर्जर के बीच तीखी बहस हो गई थी।
रविवार को भी दिनभर प्रदेश स्तर पर सहमति बनाने की कोशिशें नाकाम रहीं, जिसके बाद यह विवाद दिल्ली स्थित केंद्रीय नेतृत्व के पास पहुंचा। देर रात केंद्रीय वॉररूम से हस्तक्षेप के बाद भीलवाड़ा, टोंक और सवाई माधोपुर समेत अन्य जिलों के सिंबल रवाना किए गए।
निकाय चुनाव की इस आपाधापी के बीच झालावाड़ जिले के भवानीमंडी में कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) को बड़ा राजनीतिक झटका दिया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व पालिका अध्यक्ष रामलाल गुर्जर ने अपने समर्थकों के साथ भाजपा छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया।
उनके साथ उनकी बहू एवं पूर्व पालिका अध्यक्ष पिंकी गुर्जर तथा पूर्व पार्षद सुगना गुर्जर ने भी कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली। उल्लेखनीय है कि रामलाल गुर्जर भाजपा की 11 सदस्यीय स्थानीय चुनाव समिति के सक्रिय सदस्य थे। चुनाव से ठीक पहले उनके पाला बदलने से भवानीमंडी में भाजपा के चुनावी समीकरण बिगड़ गए हैं।
सोमवार को नामांकन का समय समाप्त होने के साथ ही दोनों प्रमुख दलों के लिए अपने-अपने क्षेत्रों में असंतुष्ट नेताओं को मनाना सबसे बड़ी चुनौती होगा। कांग्रेस की रणनीति है कि जिन दावेदारों को सिंबल नहीं मिल पाया है, उनसे तुरंत वरिष्ठ नेता संवाद कायम करें ताकि निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पर्चा दाखिल करने वालों को समय रहते समझाया जा सके।
राजस्थान निकाय चुनाव 2026 की मतदाता सूची, नामांकन संबंधी दिशा-निर्देशों और आयोग की आधिकारिक सूचनाओं के लिए अधिकृत पोर्टल्स का अवलोकन करें:
चुनाव कार्यक्रम और आधिकारिक आदेशों के लिए State Election Commission Rajasthan Portal पर विजिट करें।
राज्य निर्वाचन विभाग के अन्य अपडेट्स के लिए Chief Electoral Officer Rajasthan का अवलोकन करें।
Updated on:
31 Aug 2026 08:49 am
Published on:
31 Aug 2026 08:34 am
