राइजिंग राजस्थान और सरकार के एक साल की तैयारियों के बीच ही प्रदेश में अगले बजट के लिए मंथन शुरू हो गया है।
राइजिंग राजस्थान और सरकार के एक साल की तैयारियों के बीच ही प्रदेश में अगले बजट के लिए भी मंथन शुरू हो गया है। बजट निर्धारण कमेटी की बैठकों में विभागवार प्रस्तावों पर विचार किया जा रहा है। इन बैठकों में विभागीय आवश्यकता व संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर बजट प्रस्ताव पेश किए जा रहे हैं।
सभी योजनाओं का सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) से मिलान किया जा रहा। इसके अलावा यह भी देखा जा रहा है कि एक ही उद्देश्य के लिए अलग-अलग योजनाएं चल रही हैं, तो उनका विलय कर योजनाओं की संख्या सीमित की जाए।
ग्रीन बजट- आने वाले बजट शुरुआत होगी, जिसमें पर्यावरण संरक्षण पर फोकस किया जाएगा।
कृषि बजट- वर्ष 2022-23 से शुरुआत, जिसमें कृषि के लिए अलग से प्रावधान।
जेंडर बजट- वर्ष 2012-13 से शुरुआत, जिसमें महिलाओं के लिए अलग से प्रावधान। इसकी जेंडर पैरिटी इंडेक्स के माध्यम से समीक्षा की जा रही है।
चाइल्ड बजट- वर्ष 2020-21 से शुरू, जिसमें बच्चों के लिए अलग से प्रावधान।
एसडीजी- वर्ष 2019 से एसडीजी के 17 मानकों के अंतर्गत 169 लक्ष्यों की योजनाओं से मैपिंग।