केन्द्रीय बजट को लेकर राजस्थान के भाजपा और कांग्रेस नेताओं ने अलग-अलग प्रतिक्रिया दी है। भाजपा ने बजट को ऐतिहासिक बताया। जानिए कौन क्या बोला
जयपुर। केन्द्रीय बजट को लेकर राजस्थान के भाजपा और कांग्रेस नेताओं ने अलग-अलग प्रतिक्रिया दी है। भाजपा ने बजट को ऐतिहासिक बताया। भाजपा नेताओं ने कहा कि इसमें युवा, व्यापारी, नौकरीपेशा सहित सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है। वहीं कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बजट में राजस्थान का जिक्र तक नहीं। न तो ईआरसीपी (रामजल सेतु परियोजना) को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा मिला और न ही एमएसपी पर कानून बनाने के लिए कुछ कहा गया।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि केन्द्रीय बजट विकसित भारत-आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूती देगा। साथ ही, बजट में मेक इन इंडिया से अब ‘मेक फॉर वर्ल्ड’ की अवधारणा के साथ देश को वैश्विक आर्थिक शक्ति बनने की दिशा दी गई है। पीएम नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में इस बजट में समावेशी विकास पर विशेष फोकस देते हुए संतुलित विकास का रोडमैप दिया है। बजट में मध्यम वर्ग को बड़ी राहत दी गई है।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि अत्यंत निराशाजनक केन्द्रीय बजट में आम आदमी के लिए कुछ नहीं है। राजस्थान की उपेक्षा की गई है। उन्होंने कहा कि ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना बनाने की घोषणा नहीं की और यमुना जल समझौते को लेकर भी कोई घोषणा नहीं की गई।
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट ने बजट को राजनीति से प्रेरित व किसानों की अनदेखी करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि यह नहीं बताया कि पिछले वर्षों के बजट में किसानों की आय दोगुनी करने, रोजगार सृजन जैसी घोषणाओं पर क्या प्रगति हुई।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि यह बजट हकीकत से दूर केवल सपने दिखाने वाला है। महंगाई और बेरोजगारी से राहत को लेकर बजट में जिक्र तक नहीं है। आमजन को उम्मीद थी कि पेट्रोल-डीजल पर सरकार टैक्स कम कर महंगाई से थोड़ी राहत देगी पर ऐसा नहीं हुआ।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि अब केन्द्र सरकार देश को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के वादे का जिक्र क्यों नहीं करती है? यह बजट लगातार बढ़ते व्यापार घाटे, डॉलर के बढ़ते मूल्य, बेरोजगारी और महंगाई से कोई राहत दिलाने वाला नहीं है। केन्द्र सरकार ने दिल्ली और बिहार चुनाव को देखते हुए घोषणाएं ज्यादा की हैं।