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मुकेश शर्मा / जयपुर। जवाहर नगर थाना पुलिस की गिरफ्त में आए जगदीश विश्नोई ने 15 करोड़ की ठगी की रकम को कहां-कहां खपाया है। इसकी पुलिस जानकारी जुटा रही है। हालांकि कुछ पीडि़त लोगों ने पुलिस से पहले ही खुद के स्तर पर सम्पत्ति की जानकारी जुटाने का दावा भी किया है। उनका कहना है कि जगदीश ने खुद के नाम अधिक सम्पत्ति नहीं बनाई, उसने अपनी पत्नी और दो कर्मचारियों के नाम से सम्पत्ति जुटाई है।
ठगी की राशि में बुलमैन डॉट इन और डिवाइन लैंड डवलपर्स कंपनी के अन्य सांझेदारों को ठगी की रकम में से कितनी राशि मिली। इसकी जानकारी अन्य सांझेदारों के गिरफ्तार होने के बाद पता चलेगी। पीडि़त और पुलिस सूत्रों की माने तो चंदवाजी थाने से जमानत मिलने के बाद आरोपी को बचाने के प्रयास में मुम्बई के एक आइपीएस अधिकारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों के निर्देश पर जांच को जयपुर ईस्ट जिले से क्राइम ब्रांच को पहुंचा दिया गया।
एक मामले में छूटेगा तो दूसरे में होगा गिरफ्तार
पुलिस ने बताया कि आरोपी जगदीश विश्नोई एक मामले में छुटेगा तो दूसरे मामले में गिरफ्तार होगा। आरोपी के खिलाफ जयपुर में ही अलग-अलग नौ प्रकरण दर्ज हैं। जबकि जयपुर से बाहर भी ठगी के मामले दर्ज होने की आशंका जताई गई है।
यूं बनाया ठगी का शिकार
आरोपी 21 हजार रुपए लेकर बुलमैन की आइडी और पासवर्ड जारी करता था। फिर आइडी खोलने पर साधारण से दस सवाल के उत्तर पूछे जाते। फिर सदस्य के बुलमैन अकाउंट में 21 हजार की जगह 42 हजार रुपए आते। एक माह बाद बुलमैन अकाउंट से यह राशि सदस्य के बैंक खाते में ट्रांसफर की जा सकती थी। शुरुआत में लोगों को रुपए दे कर झांसा दिया और अधिक रुपए लगाने के लिए फांस लिया। आरोपी द्वारा डिवाइन लैंड डवलपर्स कंपनी के जरिए भी करोड़ों रुपए ठगी करने के मामले सामने आए हैं।
आरोपी जगदीश विश्नोई ने ठगी की रकम से कहां सम्पत्ति बनाई। यह अनुसंधान का विषय है। अनुसंधान में यह जानकारी भी जुटाई जाएगी।
गौरव यादव, डीसीपी ईस्ट, जयपुर कमिश्नरेट