
अरविन्द सिंह शक्तावत
जयपुर, उदयपुर। भाजपा ने वल्लभनगर व धरियावद दोनों जगह नए चेहरें उतारते हुए पार्टी के बड़े पुराने नेताओं का कार्ड नहीं चलने दिया। टिकट के साथ ही भाजपा में बगावत खुलकर सामने आई। वल्लभनगर से भाजपा के प्रबल दावेदार विस प्रभारी व पूर्व प्रत्याशी रहे उदयलाल डांगी तो धरियावद में दिवगंत विधायक के पुत्र कन्हैयालाल मीणा के समर्थकों ने विरोध जताया। दूसरी तरफ वल्लभनगर में प्रीति का खुलकर विरोध करने वाले जेठ देवेन्द्र सिंह शक्तावत ने कहा कि हमारा विरोध तो आज भी बरकार है, विरोध खत्म नहीं होगा लेकिन हमारे कार्यकर्ता के साथ बैठेंगे, जो वह कहेंगे वहीं होगा। टिकिट कटने के बाद भाजपा के उदयलाल डांगी समर्थक भी नामांकन दाखिल कर दिया ।
---
वल्लभनगर में शक्तावत-झाला-भींडर में मुकाबला
वल्लभनगर के पूर्व विधायक व जनता सेना के सुप्रीमो रणधीर सिंह भींडर व उनकी पत्नी दीपेन्द्र कुंवर ने भी नामांकन दाखिल किया। यहां भाजपा की ओर से हिम्मत सिंह झाला को प्रत्याशी बनाने के साथ ही बगावत सामने आई। भाजपा के विस प्रभारी एवं पूर्व प्रत्याशी उदयलाल डांगी के समर्थकों ने गुस्सा जताया। अलग-अलग मंडलों से विरोध सामने आया। वल्लभनगर प्रधान देवीलाल सहित कुछ पदाधिकारियों ने इस्तीफे देने की पेशकश की। उदयलाल ने भाजपा व निर्दलीय नामांकन दाखिल कर दिया है। डांगी ने बताया की जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं की मांग पर फार्म भरा और पार्टी के बड़े नेताओं को भी सूचित किया है। पार्टी कोई परिवर्तन करेगी तो ठीक अन्यथा निर्दलीय चुनाव लड़ेगे।
---
धरियावद में भी हुई बग़ावत
भाजपा प्रत्याशी खेतसिंह मीणा व कांग्रेस प्रत्याशी नगराज मीणा ने नामांकन दाखिल किया। यहां दिवंगत विधायक गौतमलाल मीणा के बेटे पूर्व प्रधान कन्हैया लाल का टिकट कटने पर भाजपा में विरोध हुआ। कन्हैयालाल ने भाजपा से नामांकन भरा। उनके समर्थकों का कहना है कि वे टिकट में परिवर्तन कर कन्हैयालाल को नहीं देते तो वे शुक्रवार को निर्दलीय के रूप में भी नामांकन भरेंगे। यहां कन्हैयालाल का टिकिट कटने पर यहां धरियावद व लसाडिय़ा में कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया, लसाडिय़ा में बाजार भी बंद रखे। यहां पर बीटीपी भी चुनाव लडऩे जा रही है।
कटारिया बोले नाराज को जोडकऱ काम करेंगे और जीतेंगे
प्रतिपक्ष नेता गुलाबचंद कटारिया ने पत्रिका से बातचीत में कहा कि मैने तो बहुूत पहले ही नाम दे दिए, पार्टी ने सबको सुना और सबसे बात की। दिल्ली में जो पैनल भेजा, उसके आधार पर निर्णय किया, उसका स्वागत है। जो कार्यकर्ता रेस में थे और टिकट नहीं मिला तो उनको कष्ट होगा ही। कोशिश करेंगे, उनको समझाएंगे और एक जुट होकर चुनाव लड़ेगे और दोनों सीटें जीतेंगे। डांगी के टिकट के सवाल पर बोले कि हरेक का अपनी बात रखने का अधिकार है लेकिन निर्णय तो सामूहिक रूप से पार्टी करती है। मै संगठन का व्यक्ति हूं, सामूहिक निर्णय को मै अपना निर्णय मानकर स्वीकार करते हुए आगे बढ़ता रहूँगा। भींडर को लेकर कहा कि न उन्होंने कभी बात की और न मैने की।