-स्कूलों पर पैनल्टी 50 हजार से बढ़ाकर 5 लाख की
जयपुर. सेंट्रल बोर्ड ऑफ सैकंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) इस बार समय पर एक्यूरेट रिजल्ट जारी करने को लेकर काफी इनिशिएटिव ले रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने देशभर में एग्जामिनेशन के लिए टीचर्स और इवैल्यूएशन सेंटर्स की संख्या में बढ़ोतरी की है। इसी क्रम मेें सीबीएसई ने देशभर की स्कूलों को सर्कुलर जारी करते हुए कहा कि बोर्ड एग्जाम के लिए टीचर्स को रिलीव नहीं करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बोर्ड जिन स्कूल टीचर्स को एग्जाम में ड्यूटी पर लगाएगा, उन्हें एग्जाम में ड्यूटी पर आना ही होगा। साथ ही सीबीएसई की ओर से दिए गए दूसरे प्रोजेक्ट्स के लिए भी स्कूलों को टीचर्स को रिलीव करना होगा। ऐसे टीचर्स को स्कूल की ओर से रिलीव नहीं किए जाने पर स्कूल की मान्यता भी रद्द की जा सकती है।
स्कूलों को डाउनग्रेड या एफिलिएशन सस्पेंड
सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि टीचर्स को रिलीव नहीं करने वाले स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे स्कूलों पर पांच लाख रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। गौरतलब है कि अब तक टीचर्स को रिलीव नहीं करने वाले स्कूलों पर बोर्ड 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाता था। वहीं बोर्ड स्कूलों को डाउनग्रेड या एफिलिएशन सस्पेंड भी कर सकता है। साथ ही बोर्ड ने निर्देश दिया है कि स्कूल एग्जाम्स को लेकर किसी भी तरह की कोई लापरवाही नहीं बरतें। सीबीएसई इस बार एग्जाम के20 दिन में रिजल्ट जारी करना चाहता है।