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Rajasthan Road : ‘वेस्ट’ बनेगा बेस्ट, राजस्थान में कचरा-प्लास्टिक से बनेगी सड़क! इंजीनियरों को CSIR देगा प्रशिक्षण

Jaipur Road : गुड न्यूज। 'वेस्ट' बनेगा बेस्ट। अब राजस्थान में कचरा-प्लास्टिक से सड़क बनेगी! सड़क निर्माण में औद्योगिक अपशिष्ट के प्रभावी उपयोग के लिए CSIR आधुनिक रोड टेक्नोलॉजी पर प्रशिक्षण देगा।

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Rajasthan Road made from waste and plastic CSIR will train engineers

Rajasthan Road : 'वेस्ट' बनेगा बेस्ट। फाइल फोटो पत्रिका

Jaipur Road : जयपुर में डामर का संकट गहराया तो सड़क निर्माण क्षेत्र ने कचरे में समाधान तलाशना शुरू कर दिया है। अब प्लास्टिक वेस्ट, फ्लाई ऐश और पुरानी सड़कों से निकली सामग्री का पुनः उपयोग कर सड़कें बनाने पर जोर दिया जाएगा। हालांकि पहले भी सड़क निर्माण में प्लास्टिक वेस्ट और वैकल्पिक सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, लेकिन यह बहुत सीमित है। इस नए प्रयोग से न केवल पर्यावरण संरक्षण होगा, बल्कि निर्माण लागत में भी कमी आएगी।

इस तकनीक में तमिलनाडु आगे…

इस तकनीक में तमिलनाडु आगे है, जिसने कचरे से लगभग 17,735 किमी सड़कें बनाई हैं। वहीं कर्नाटक में 2000 किमी से अधिक सड़कों का निर्माण सफलतापूर्वक किया गया। हुबली-धारवाड़ में, 1.1 किमी सड़क में 8 फीसदी प्लास्टिक मिलाकर मजबूती और टिकाऊपन बढ़ाया गया, जिससे प्रति किमी 1.5 लाख रुपए की बचत हुई।

जयपुर में हो चुकी कार्यशाला

सड़क निर्माण में नई तकनीक और औद्योगिक अपशिष्ट के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान आधुनिक रोड टेक्नोलॉजी पर विशेष प्रशिक्षण देगा। नई दिल्ली में 7 से 12 सितंबर तक पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों को आधुनिक तकनीकों, रीसाइक्लिंग और पर्यावरणीय पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

सड़क निर्माण में अपशिष्ट सामग्री के पुनः उपयोग को राजस्थान में बढ़ावा देने के लिए केन्द्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान की ओर से जयपुर में कार्यशाला का आयोजन किया जा चुका है।

पर्यावरण संरक्षण होगा, निर्माण लागत में भी आएगी कमी

सड़क निर्माण में विभिन्न प्रकार के कचरे और अनुपयोगी सामग्री का उपयोग कर उन्हें उपयोगी संसाधन में बदला जा सकता है। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण होगा, बल्कि निर्माण लागत में भी कमी आएगी।
डॉ. चालुमुरी रवि शेखर, निदेशक, केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान

राजस्थान के इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण पर पड़ा असर

ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़े तनाव का असर राजस्थान के इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण पर तेजी से दिखाई देने लगा है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण सड़क निर्माण में इस्तेमाल होने वाला डामर पिछले तीन माह में करीब दोगुना महंगा हो गया है। मार्च में 45 हजार रुपए प्रति टन मिलने वाला डामर अब भी 85 हजार रुपए प्रति टन है।

इससे प्रदेश में 5 हजार करोड़ रुपए से अधिक के सड़क निर्माण, मरम्मत और डामरीकरण कार्य प्रभावित हो गए हैं। राजधानी जयपुर सहित अधिकांश जिलों में सड़क परियोजनाओं की रफ्तार धीमी पड़ गई है, जबकि कई काम पूरी तरह अटक गए हैं।

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