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राजस्थान की फसलें बनेंगी नेशनल ब्रांड: ₹14 करोड़ से 7 जिलों में खुलेंगे इन्क्यूबेशन सेंटर, किसानों को मिलेगा बेहतर दाम

राजस्थान सरकार ने सात जिलों में फसल आधारित कॉमन इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित करने के लिए 14 करोड़ मंजूर किए हैं। बारां, चित्तौड़गढ़, जालोर, झालावाड़, जयपुर, अजमेर और जैसलमेर जिले में बनने वाले सेंटरों में प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग व प्रशिक्षण की सुविधा मिलेगी।
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जयपुर

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Arvind Rao

Jul 30, 2026

Rajasthan Common Incubation Center

राजस्थान के 7 जिलों में खुलेंगे इन्क्यूबेशन सेंटर (फोटो पत्रिका नेटवर्क)

Rajasthan Common Incubation Center: जयपुर: राजस्थान में कृषि को अब केवल उत्पादन नहीं, बल्कि उद्यम और ब्रांड से जोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है। पंच गौरव कार्यक्रम के तहत सात जिलों में बनने वाले कॉमन इन्क्यूबेशन सेंटर किसानों, स्वयं सहायता समूहों, किसान संगठन और ग्रामीण स्टार्टअप्स के लिए लिए साझा आधुनिक प्रसंस्करण हब बनेंगे।

सरकार का मानना है कि इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार, स्वरोजगार और कृषि आधारित उद्योगों को नई गति मिलेगी। सात जिलों में फसल विशेष के कॉमन इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित करने के लिए 14 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। इन केंद्रों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर उत्पादों के प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, पैकेजिंग एवं विपणन को नई गति मिलेगी।

इन जिलों में बनेंगे इन्क्यूबेशन सेंटर

बता दें कि बारां में लहसुन, चित्तौड़गढ़ में सीताफल, जालोर में अनार, झालावाड़ में संतरा, जयपुर में आंवला, अजमेर में गुलाब तथा जैसलमेर में खजूर के लिए कॉमन इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों के माध्यम से स्थानीय कृषि एवं बागवानी उत्पादों को बाजार की मांग के अनुरूप तैयार करने के साथ-साथ किसानों को उनके उत्पाद का बेहतर मूल्य दिलाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

इन सेंटरों में ग्रेडिंग, सॉर्टिंग, प्राथमिक एवं मूल्य संवर्धित प्रसंस्करण, पैकेजिंग और लेबलिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे किसानों, किसान उत्पादक संगठनों, स्वयं सहायता समूहों, स्टार्टअप्स तथा सूक्ष्म उद्यमियों को अपने उत्पादों के प्रसंस्करण के लिए बड़ी पूंजी निवेश वाली अलग इकाई स्थापित करने की आवश्यकता नहीं होगी। वे साझा सुविधाओं का उपयोग कर अपने उत्पादों को गुणवत्तापूर्ण एवं आकर्षक रूप में तैयार कर बाजार तक पहुंचा सकेंगे।

उत्पादों को मिलेगी राष्ट्रीय बाजार तक पहुंच

ये सेंटर स्थानीय विशिष्ट कृषि एवं बागवानी उत्पादों को स्थानीय से राष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। किसानों को उनके उत्पाद का बेहतर मूल्य प्राप्त करने के अवसर मिलेंगे।

लाइव डेमो-प्रशिक्षण से बढ़ेगा तकनीकी ज्ञान

इन कॉमन इन्क्यूबेशन सेंटरों को केवल प्रसंस्करण इकाइयों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इन्हें लाइव डेमो एवं प्रशिक्षण केंद्र के रूप में भी विकसित किया जाएगा। यहां किसानों, एफपीओ, स्वयं सहायता समूहों एवं इच्छुक उद्यमियों को आधुनिक खाद्य प्रसंस्करण तकनीक, गुणवत्ता मानक, खाद्य सुरक्षा, पैकेजिंग, लेबलिंग, ब्रांडिंग, विपणन तथा व्यवसाय प्रबंधन से संबंधित व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।