
जयपुर। जब तक देश में महिलाओं की भागीदारी नहीं बढ़ेगी, तब तक राजनीति का उत्थान संभव नहीं है। मौजूदा राजनीति की बात करें तो देश के सभी दल महिलाओं की राजनीति में भागीदारी की बात तो करते हैं, लेकिन जिम्मेदारी देने से बचते हैं। यह कहना है मंजू सैनी का। राजस्थान पत्रिका के महाअभियान चेंजमेकर: बदलाव के नायक के तहत हुई आमेर रोड स्थित एक होटल में आयोजित बैठक में महिलाओं को संबोधित कर रही थीं।
देश को मैडल बेटियों ने ही दिलाए
कार्यक्रम समन्वयक मंजू सैनी ने कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों से लेकर एशियाई खेलों में देश की बेटियों ने गोल्ड मैडल तक दिलाए हैं। राजनीति की बात आती है तो महिलाओं को पीछे कर दिया जाता है। हमें चाहिए कि राजनीति में आगे आकर लोगों की सेवा करें। होता यह है कि महिलाएं राजनीति में आने से बचती हैं। इस भ्रांति को दूर करने की जरूरत है।
देश की बिगड़ती राजनीति पर पत्रिका है चिंतित
रितु राठौड़ ने कहा कि महिलाएं हर क्षेत्र में मेहनत से मुकाम हासिल कर रही हैं। राजनीति में भी यह संभव है। बस, सोच बदलने की जरूरत है। अब तक महिलाओं को आगे बढऩे नहीं दिया जाता। राजनीति में भी कई नाम ऐसे हैं, जिन्होंने महिला होने के बाद भी बड़ा औहदा हासिल किया। मंजू रावत ने कहा कि राजस्थान पत्रिका की मुहिम अच्छी है। चुनाव से ठीक पहले महिलाओं के लिए यह सब सोचना यह दर्शाता है कि राजस्थान पत्रिका देश की बिगड़ती राजनीति को लेकर कितना चिंतित है।
ज्योति सैनी, सोनाली, भावना सैनी और संजू ने भी माना कि मौजूदा हालात में राजनीति में बदलाव की जरूरत है और महिलाओं की भागीदारी से ही स्वच्छ राजनीति का सपना साकार हो सकता है। राजस्थान पत्रिका के इस अभियान की सभी ने तारीफ की और कहा कि आने वाले सालों में इस अभियान के सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।
विटनेस के रूप में पार्षद विक्रम सिंह तंवर और एडवोकेट मंजुल सैनी उपस्थित रहे। दोनों ने अभियान की सराहना की और कहा कि इस अभियान से राजनीति में सुधार जरूर होगा। स्टीवर्ड के रूप में शिक्षाविद् विक्रांत राठौड़ उपस्थित रहे।