देश-विदेश के स्टूडेंट्स ने कहा, राजनीति में आए साफ छवि के लोग
जयपुर . राजस्थान पत्रिका के महाअभियान 'स्वच्छ करे राजनीति' के तहत मालवीय नगर पत्रिका ने सुरेश ज्ञान विहार यूनिवर्सिटी में परिचर्चा का आयोजन किया गया। देश के कोने-कोने से और विदेश से पढऩे के लिए आए स्टूडेंट्स ने स्वच्छ राजनीति को लेकर अपने-अपने विचार रखें। परिचर्चा के दौरान स्टूडेंट्स ने पत्रिका के महाअभियान का समर्थन करते हुए एक स्वर में राजनीति के शुद्धिकरण की बात कही। स्टूडेंट्स ने कहा कि वे राजनीति के शुद्धिकरण अभियान का हिस्सा बनकर आने वाले चुनावों में चेंजमेकर बनकर अपने राज्य और जिले में जाएंगे और राजनीति का शुद्ध करेंगे। यूनिवर्सिटी में अध्ययन कर रहे विदेशी स्टूडेंट्स ने यहां रहकर इस अभियान का हिस्सा बनने की बात कही और पढ़ाई के बाद अपनी कंट्री में जाकर वहां भी इस थीम को आगे बढ़ाएंगे।
ये रहे बदलाव के नायक
डॉ. सुधांशु, प्रो.टी.के. जैन, डॉ. सूरज, डॉ. श्रुति, डॉ. सुरेश अरोड़ा, शुभम शर्मा, जीनथहयात मोहम्मद सलीम, योगमाया वशिष्ठ, मिताली सोनी, तरुण शर्मा, साकेट माथुर, गोपाल रविदास, शीतल बंसल, अबीदुर, सोनू कुमार, मंजीत सिंह, जफर इकबाल, ऋचा गौतम, सोनिया शेरावत, संजय कराडिया, बेरचीक इस्सर, अनूप, बिस्वजीत घोष, सुरजीत कुमार, अभिनंदन कुमार, अखिलेश कुमार यादव, मुकेश सिंह यादव, अबु तलहा सोहेल, राजू चौहान, सुधीर शर्मा, समरजीत कुमार, हरिश पटेल, बिशाल प्रसाद, मोहम्मद सईद।
अब आ गया बदलाव का समय
स्टूडेंट्स ने एपीजे अब्दुल कलाम , अब्राहम लिंकन का उदाहरण देते हुए कहा कि इन हस्तियों ने स्वच्छ राजनीति की है, इसलिए लोगों के जेहन में ये लोग आज भी याद है। साथ ही देश हित के लिए काम भी किए हैं। राजनीति में आने वाले लोगों को इनसे सबक लेना चाहिए। जो राजनीति को ही अपना कॅरियर मानकर आगे आ रहा है, उसे अपना उद्देश्य साफ रखना चाहिए। वह पहले यह सोचे की आमजन को जरूरत की चीजें कैसे उपलब्ध करवाया जाए, जॉब, बिजली-पानी पब्लिक को किस तरह मुहैया हो। जनरेशन क्लीन पॉलिटिक्स चाहता है। राजनीति में माइंड सेट करके आना चाहिए।
पांच साल का देना होगा इसाब
आगामी चुनावों में वापस चुनाव मैदान में आने वाले नेताओं को गांव, ढाणी और कस्बों में मौजूद चेंजमेकर से सामना करना होगा। ये चेंजमेकर उनसे उनके किए वादे और उनमें से पूरे किए गए कार्यों की जानकारी मांगेंगे। इससे वो वोट के लिए झूठ नहीं बोल पाएंगे। उन्हें इस बात का पता रहेगा कि इस बार भी वोट के लिए झूठे वादे किए तो चेंजमेकरों का विरोध झेलना पड़ेगा। जो राजनीतिक कॅरियर को बर्बाद कर देंगे।
चेंजमेकर इसलिए जरूरी
-राजनीति में आपराधिक छवि के नेताओं की बढ़ती संख्या।
- राजनेताओं में झूठे वादे करने की प्रवृति का बढऩा।
- पैसे लेकर काम करने या काम नहीं करने की प्रवृति का बढऩा।
- राजनीति में भाई भतीजावाद का बढऩा।
- गलत कारनामों से बचने के लिए राजनीति का दामन थामना।
- सरकार बनाने के लिए दागी लोगों का समर्थन लेना और उन्हें टिकट देना।
- राजनीति का इंडस्ट्री का स्वरूप लेना।
ऋचा गौतम, स्टूडेंट ने कहा की देश में राजनीति का स्वच्छ होना जरूरी है। राजनीति में फैलती गंदगी की वजह से आज जनसंख्या तो तेजी से बढ़ रही है, लेकिन आर्थिक विकास दर कोसों दूर पीछे छूट गई है। जनसंख्या के हिसाब से देश की विकास दर 15 प्रतिशत होनी चाहिए। स्टूडेंट्स को चेंजमेकर बनकर आगे आना होगा।
संजय कराडिय़ा, स्टूडेंट ने कहा की पत्रिका के अभियान का हिस्सा बनकर राजनीति के शुद्धिकरण के लिए चेंजमेकर बनकर जाएंगे। गांव, कस्बों और विधानसभा क्षेत्र में चेंजमेकर टीम खड़ी करेंगे। अब चुनाव से पूर्व वोट के लिए झूठ बोलने वाले नेताओं की खैर नहीं है।
हरिश पटेल, स्टूडेंट ने कहा की राजनीति की चाह रखने वाले नेता चुनाव से पहले झूठ पर झूठ बोलकर संसद और विधानसभा में पहुंच जाते हैं। एक बार चुनाव के बाद चुनाव से पूर्व किए वादों को भूल जाते हैं। अब ऐसे राजनेताओं की खैर नहीं। चेंजमेकर बनकर ऐसी राजनीति को साफ करके ही दम लेंगे।
सुरजीत कुमार, स्टूडेंट ने कहा की राजनीति को इंडस्ट्री समझने वाले नेताओं के दिन फिरने वाले हंै। चुनाव जीतकर करोड़ों-अरोबों रुपए की संपति बनाने वाले नेता जब आगामी चुनावों में फिर से वोट मांगने आएंगे तो चेंजमेकर बनकर उनके सामने जाएंगे और कुछ सालों बनाई गई संपति का ब्योरा मांगेंगे।
सोनू कुमार, स्टूडेंट्स ने कहा की राजनीति को स्वच्छ बनाने का समय आ गया। चेंजमेकर बन जनता के बीच जाएंगे और साफ छवि व देश बदलने की क्षमता रखने वालों की टीम बनाएंगे। भ्रष्टाचार करने और जनता की बात नहीं मानने वाले नेताओं का मुकाबला करेंगे। इसके लिए नेतृत्व भी करना पड़ा तो भी पीछे नहीं हटेंगे।
जीनतहयात मोहम्मद सलीम, स्टूडेंट ने कहा की चेंजमेकर बनकर सबसे पहला काम जातिवाद का जहर घोलकर राजनीति को गंदा करने वाले लोगों को इससे बाहर का रास्ता दिखाएंगे। चुनाव के दौरान जो भी नेता लोगों को जाति में बांटकर वोट लेने का प्रयास करेगा। ऐसे नेताओं को चेंजमेकर बनकर बाहर का रास्ता दिखाएंगे।
शीतल बंसल, स्टूडेंट ने कहा की जिस तरह से दागी और भ्रष्टाचारी लोग राजनीति में प्रवेश कर रहे हैं उन्हें रोकने के लिए चेंजमेकर बनना आवश्यक हो गया। यही मौका है राजनीति में अपनी जड़े जमा चुके लोगों को बाहर करने का। ऐसा कर देश को फिर से विश्व गुरु बनाया जा सकता है।
मिताली सोनी, स्टूडेंट ने कहा की भारत में जिस तेजी से राजनीति में गंदगी फैल रही है। इसके खिलाफ चेंजमेकर अभियान संजीवनी के रूप में काम करेगा। पत्रिका ने जो चेंजमेकर अभियान छेड़ा है उससे देश में साफ छवि रखने वाले लोगों को संबल मिलेगा। साफ छवि के लोग चेंजमेकर बनकर आगे आएंगे तो, राजनीति स्वत: ही साफ हो जाएगी।
शुभम शर्मा, स्टूडेंट्रा ने कहा की जनेता का संरक्षण पाकर अपराधी आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। राजनेता पैसे लिए बिना काम नहीं करते हैं। राजनीति में गंदगी इस कदर फैल गई है, अब इसे स्वच्छ करने की जरूरत आ गई है। समय-समय पर स्वच्छ लोगों ने चेंजमेकर बनकर इस गंदगी को साफ किया है। अब फिर से यह करना होगा।
बिस्वजीत घोष, स्टूडेंट ने कहा की देश को लूटकर नेता और प्रभावशाली लोग विदेशी बैंकों में रुपए जमा करवा रहे है। सरकारें बदलती रही पर गंदे लोगों पर लगाम लगने के बजाय इनका प्रभाव बढ़ता ही जा रहा है। अब ऐसे लोगों को राजनीति से बाहर करने लिए चेंजमेकर बनाना जरूरी है, न की सरकारों पर विश्वास करना।
अबु तलहा सोहेल, स्टूडेंट ने कहा की चेंजमेकर बनकर सबसे पहली लड़ाई परिवार और इसके आसपास इर्दगिर्द घूमने वाले लोगों से लडऩी होगी। यहीं से गंदी राजनीति शुरू होती है। ऐसे में पहली लड़ाई यहीं से लड़कर उन्हें दूर करना होगा। यहां से गंदगी साफ हुई तो देशी की राजनीति को स्वच्छ करते देर नहीं लगेगी।
अखिलेश यादव , स्टूडेंट ने कहा की राजनीति में गंदगी फैलने का सबसे बड़ा कारण राजनेताओं के आपराधिक प्रवृति का होना होता है। इन्हीं लोगों के कारण तेजी से अपराधों में इजाफा हुआ है। चेंजमेकर बनकर ऐसे लोगों का बैकग्राउंड चैक करेंगे। फिर उसे जनता के सामने रखेंगे। जनता जागरूक होगी तो राजनीति स्वत: ही साफ हो जाएगी।
मुकेश यादव, स्टूडेंट ने कहा की राजनीति में लोग झूठे वादे कर जनता को गुमराह कर जीतने में कामयाब हो रहे हैं, जिससे राजनीति में गंदगी फैल रही है। चेंजमेकर बनकर इनके किए वादों को जनता के सामने रखेंगे। जिससे इन लोगों में चुनाव के समय किए वादें पूरेे का डर रहेगा।
मोहम्मद सईद, स्टूडेंट ने कहा की जो लोग अच्छा कार्य कर रहे हैं, लेकिन अकेले हैं। चेंजमेकर बनकर उन लोगों की आवाज बने। यदि ऐसे लोगों की आवाज बनेंगे तो राजनीति को स्वच्छ करने में ज्यादा मुश्किल नहीं आएगी। ऐसे चेंजमेकरों को मीडिया में उचित स्थान मिले तो इस मुहिम से ज्यादा से ज्यादा लोग जुड़ पाएंगे।