14 अगस्त 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

PATRIKA PODCAST : इच्छा: कर्म शृंखला का बन्धन

एक कामना होती है अहंकारवश, अपेक्षा के कारण, ऐषणाओं से लदी हुई। इस कामना के लिए भी व्यक्ति को अपने प्रयास लक्षित करने पड़ते हैं। इस कामना क्षेत्र में शोक-विषाद के उदाहरण अधिक होते हैं।
less than 1 minute read
Google source verification
patrika podcast

patrika podcast

Gulab Kothari Article : कामना से शरीर का पोषण भी होता है। कामना का जो स्वरूप वासना या भावना में रहता है, वही कर्म की दिशा बन जाता है। फल भी उसी अनुरूप प्राप्त होते हैं। आगे की कामनाएं भी उसी तरह बदलने लग जाएंगी। इन्द्रियों से मन तक पहुंच वाले विषय उसी तरह विषय की व्याख्या करेंगे। बुद्धि का वही रूप हो जाएगा। श्वास-प्रश्वास के स्पन्दन भी पूरे शरीर में उसी प्रकार का वातावरण बनाएंगे।