spiritual travel safety : जान लें स्वास्थ्य विभाग की ये जरूरी सलाह। ऊंचाई और ठंड में न बिगड़े सेहत—चारधाम यात्रियों के लिए हेल्थ एडवाइजरी जारी। चारधाम यात्रा पर जा रहे हैं? पहले जान लें ये जरूरी हेल्थ एडवाइजरी।
Chardham Yatra Health Advisory : जयपुर. चारधाम यात्रा की तैयारियों के बीच चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने तीर्थ यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण हेल्थ एडवाइजरी जारी की है। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में स्थित इन धार्मिक स्थलों की यात्रा के दौरान मौसम, ऊंचाई और ऑक्सीजन की कमी यात्रियों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है। ऐसे में सुरक्षित और सुगम यात्रा के लिए सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
राजस्थान के निदेशक जन-स्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा के अनुसार, चारधाम यात्रा पर जाने वाले यात्रियों को कम से कम 7 दिन की योजना बनानी चाहिए, ताकि शरीर को ऊंचाई और वातावरण के अनुरूप ढलने का पर्याप्त समय मिल सके। यात्रा के दौरान हर एक घंटे की ट्रेकिंग या दो घंटे की वाहन यात्रा के बाद 5-10 मिनट का विश्राम लेना जरूरी है। इसके साथ ही रोजाना श्वास व्यायाम और हल्की वॉक करना भी स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद बताया गया है।
| चारधाम यात्रा पर जा रहे हैं, पहले जान लें ये जरूरी 10 हेल्थ एडवाइजरी |
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| यात्रा से पहले पूरी स्वास्थ्य जांच जरूर करवाएं |
| हृदय, अस्थमा, बीपी या डायबिटीज मरीज विशेष सावधानी रखें |
| गर्म कपड़े, रेनकोट और छाता साथ रखें |
| पल्स ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर साथ रखें |
| जरूरी दवाइयां और डॉक्टर का संपर्क नंबर रखें |
| शराब, कैफीन और धूम्रपान से दूरी बनाएं |
| रोजाना कम से कम 2 लीटर पानी पिएं |
| पौष्टिक और संतुलित आहार लें |
| मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा शुरू करें |
| डॉक्टर मना करें तो यात्रा टाल दें |
स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि यात्रा के दौरान सांस लेने में तकलीफ, चक्कर, उल्टी, लगातार खांसी, शरीर में कमजोरी या भ्रम जैसी समस्या हो, तो इसे नजरअंदाज न करें। तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाएं या हेल्पलाइन नंबर 104 पर संपर्क करें।
विशेषज्ञों का कहना है कि वृद्धजन, गर्भवती महिलाएं और गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोग यात्रा से पहले चिकित्सकीय सलाह अवश्य लें। सही तैयारी और सावधानी के साथ ही चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सफल बनाया जा सकता है।
1-उच्च हिमालयी क्षेत्रों में स्थित तीर्थ स्थानों में यात्री का स्वास्थ्य अत्यधिक ठण्ड, कम आर्द्रता, अत्यधिक अल्ट्रा वॉइलेट रेडिएशन, कम हवा का दबाव और कम ऑक्सीजन की मात्रा से प्रभावित हो सकता है। ऐसे में सभी सुगम एवं सुरक्षित यात्रा के लिए दिशा—निर्देशों का पालन करना आवश्यक है।
2-रोजाना 5-10 मिनट के लिए श्वास व्यायाम का अभ्यास एवं रोजाना 20-30 मिनट टहलना चाहिए।
3-वृद्धजन या हृदय रोग, अस्थमा, उच्च रक्तचाप या मधुमेह से ग्रसित रोगी फिटनेस सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य जांच अवश्य करवाएं। साथ ही, गर्म कपड़े एवं बारिश से बचाव के लिए रेनकोट, छाता आदि साथ में लें।
4-स्वास्थ्य जांच उपकरण पल्स ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर भी साथ रखें। हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, अस्थमा, मधुमेह रोग वाले यात्री सभी जरूरी दवा, परीक्षण उपकरण और चिकित्सक का संपर्क नंबर साथ रखें।
1-उत्तराखंड में चिकित्सा विभाग के सहायक निदेशक डॉ. अमित शुक्ला ने बताया कि उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित टोल फ्री नंबर 104 पर कॉल कर तत्काल मदद प्राप्त की जा सकती है।
2-यदि किसी भी यात्री को सांस की तकलीफ (बात करने में कठिनाई), लगातार खांसी, चक्कर आना, भटकाव (चलने में कठिनाई), उल्टी, शरीर के एक तरफ कमजोरी या सुन्नता जैसे लक्षण दिखाई दें तो निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र या टोल फ्री नंबर की मदद अवश्य लें।
3- वृद्धजन, गर्भवती महिलाएं, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, अस्थमा, मधुमेह या अधिक मोटापे से ग्रस्त यात्री चिकित्सा इकाइयों पर संपर्क करें और अपने स्वास्थ्य की जांच करवाएं। इसके अतिरिक्त कोई भी स्वास्थ्य सम्बंधित आपातकालीन घटना होने पर 104 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।