राजस्‍थान विधान सभा में देश की भावी पीढ़ी सदन में बैठकर जनता से जुड़े मुद्दों पर बहस करेगी। विधायक की भूमिका में बच्‍चे मंत्रियो से प्रश्‍न कर जवाब मागेंगे और शून्‍यकाल में अपनी बात भी रखेंगे। जी हां, राजस्थान विधानसभा में बाल दिवस पर 14 नवम्‍बर को बाल सत्र का आयोजन किया जाएगा। राजस्‍थान विधान सभा देश की ऐसी प्रथम विधान सभा होगी जहां बाल सत्र होने जा रहा है।

जयपुर।
राजस्थान विधान सभा में देश की भावी पीढ़ी सदन में बैठकर जनता से जुड़े मुद्दों पर बहस करेगी। विधायक की भूमिका में बच्चे मंत्रियो से प्रश्न कर जवाब मागेंगे और शून्यकाल में अपनी बात भी रखेंगे। जी हां, राजस्थान विधानसभा में बाल दिवस पर 14 नवम्बर को बाल सत्र का आयोजन किया जाएगा। राजस्थान विधान सभा देश की ऐसी प्रथम विधान सभा होगी जहां बाल सत्र होने जा रहा है।
इस सत्र में बच्चों द्वारा विधानसभा सत्र का संचालन किया जाएगा। बच्चे ही विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभाएंगे। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिडला, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सी.पी. जोशी, मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत और नेता प्रतिपक्ष गुलाबचन्द कटारिया सहित राजस्थान विधानसभा के सदस्यबच्चों दारा संचालित बाल सत्र के साक्षी होंगे। राष्ट्रमण्डल संसदीय संघ की राजस्थान शाखा की ओर से विधानसभा में बाल सत्र का संचालन होगा।
बच्चे तैयारी कर रहे हैं
जोशी ने कहा कि भावी पीढ़ी को सदन चलाने, प्रश्न पूछने और अनुशासन के साथ अपनी बात रखने का मौका दिया है। सदन में आने के लिए बच्चे तैयारी कर रहे है। प्रश्न पूछने का तरीका, जवाब देने की स्टाइल और सदन संचालन में विधायकों की कार्य प्रणाली प्रस्तुत करने के लिए रिहसर्ल कर रहे है। इसके लिए बच्चों ने कुर्ता पायजामा तैयार करवाएं हैं।