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राजस्थान में गर्भवती महिलाओं के लिए नई व्यवस्था, हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी में हर कदम पर साथ देगी ‘प्रसव सखी’

Rajasthan Prasav Sakhi: राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं के लिए जल्द 'प्रसव सखी' व्यवस्था शुरू होगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर प्रशिक्षित नर्सिंग कर्मी भर्ती से लेकर प्रसव, इलाज, रेफरल और डिस्चार्ज तक साथ रहेंगी।
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जयपुर

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Arvind Rao

Jul 22, 2026

Rajasthan Government Hospitals Prasav Sakhi

हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी में हर कदम पर साथ देगी 'प्रसव सखी' (फोटो एक्स)

Rajasthan Government Hospitals Prasav Sakhi: जयपुर: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों पर राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में उच्च जोखिम (हाई-रिस्क) वाली गर्भवती महिलाओं को बेहतर सहयोग, मार्गदर्शन और समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए ‘प्रसव सखी’ व्यवस्था शुरू की जा रही है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, यह व्यवस्था मेडिकल कॉलेज संबद्ध अस्पतालों, जिला चिकित्सालयों तथा अधिक प्रसव भार वाले प्रथम रेफरल इकाइयों (एफआरयू) में चरणबद्ध रूप से लागू की जाएगी। इसका उद्देश्य मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक पेशेंट सेंट्रिक, रिस्पॉन्सिव, समन्वित और सम्मानजनक बनाना है।

पिंक एप्रन में तैनात होंगी प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी

नई व्यवस्था के तहत पिंक एप्रिन में तैनात प्रशिक्षित नर्सिंग कर्मी, एएनएम अथवा अन्य चयनित महिला स्वास्थ्यकर्मी ‘प्रसव सखी’ के रूप में कार्य करेंगी। वे अस्पताल पहुंचने वाली हाई-रिस्क गर्भवती महिला के साथ भर्ती से लेकर प्रसव, प्रसवोत्तर देखभाल और डिस्चार्ज तक हर चरण में सहयोग करेंगी। पंजीयन, जांच, चिकित्सकीय परामर्श, उपचार, विशेषज्ञ सेवाओं से जोड़ने और आवश्यकता पड़ने पर रेफरल प्रक्रिया में भी समन्वय सुनिश्चित करेंगी।

24×7 हेल्प डेस्क और एकीकृत परिवहन सेवा

प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ ने बताया कि प्रत्येक चिन्हित अस्पताल में 24×7 मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएंगे, जो गर्भवती महिलाओं एवं उनके परिजनों के लिए प्रथम संपर्क केंद्र होंगे। हेल्प डेस्क पर तैनात प्रसव सखी अस्पताल की विभिन्न सेवाओं, जांचों और उपचार संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने के साथ-साथ मरीजों एवं परिजनों का मार्गदर्शन करेंगी।

साथ ही 104 जननी एक्सप्रेस, हेल्प डेस्क और प्रसव सखी की एकीकृत व्यवस्था के माध्यम से घर से अस्पताल तक सुरक्षित परिवहन और अस्पताल में निर्बाध सेवाएं सुनिश्चित की जाएंगी। हाई रिस्क गर्भवतियों को परिवहन एवं उपचार में प्राथमिकता दी जाएगी।

गायत्री राठौड़ ने बताया कि यह पहल हाई रिस्क गर्भवतियों की सतत निगरानी, समय पर उपचार, प्रभावी रेफरल प्रबंधन और सुरक्षित संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देगी। साथ ही गर्भवती महिलाओं को सरकारी अस्पतालों में अधिक सम्मानजनक, सहज और गुणवत्तापूर्ण मातृत्व सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।