
जयपुर।
‘राजस्थान से मेरा गहरा लगाव है, मेरा जन्म जोधपुर में हुआ है। पिता आर्मी में थे, इसलिए यहां काफी दिनों तक रहे। जब भी जयपुर या राजस्थान के अन्य शहरों में आना होता है, बचपन के दिन याद आते जाते हैं। यहां की मिट्टी की खुशबू एक ताजगी भर देती है। कला, संस्कृति, सभ्यता और खान-पान से मेरा नाता रहा है, इसलिए जब भी आती हूं, सबसे पहले प्याज की कचौरी खाने का मन होता है। इस बार भी कचौरी का स्वाद जरूर चखने वाली हूं। वैशाली नगर स्थित द वॉच फैक्ट्री में राडो के 2019 कलेक्शन को लॉन्च करने जयपुर आईं चित्रांगदा सिंह ( Chitrangada Singh ) ने मीडिया से अपने अनुभव शेयर किए। इस मौके पर द वॉच फैक्ट्री के ओनर लितेश चंदनानी ने चित्रांगदा का स्वागत किया।
चित्रांगदा ने कहा कि मॉडलिंग से ज्यादा फिल्मों में काम करना अच्छा लगता है। फिल्मों के कारण ही पहचान बनी है, इसलिए हमेशा ऐसे प्रोजेक्ट्स को ही हामी भरती हूं, जिसके जरिए लोगों से कनेक्ट हो सकूं।
वेबसीरीज पर काम
चित्रांगदा ने कहा कि मैं ऐसी कहानियां बयां करना चाहती हूं, जो दिलचस्प और आकर्षक हो। अभी कुछ स्क्रिप्ट्स पर काम चल रहा है। वेबसीरीज पर भी खासा ध्यान है और कुछ प्रोजेक्ट फाइनल स्टेज पर हैं। वेब सीरीज में बिलकुल अलग अंदाज में दिखूंगी।
चित्रांगदा सिंह ने अपनी शुरुआती पढ़ाई मेरठ से संपंन की है। उन्होंने होम साइंस से स्नातक की पढ़ाई दिल्ली यूनिवर्सिटी से संपन्न की है। वह एक पारंगत कथक नृतिका भी हैं। पढ़ाई खत्म होने के बाद चित्रागंदा ने मॉडलिंग की दुनिया में कदम रखा, उन्होंने अपने मॉडलिंग करियर के दौरान कई ब्रांड्स को एंडोर्स भी किया। दर्शकों और निर्देशकों का पहली बार ध्यान उनपर गुलजार के वीडियो सांग सनसेट से गया। उसके बाद उन्हें हिंदी सिनेमा में पहला ब्रेक निर्देशक सुधीर कुमार ने साल 2003 में फिल्म हज़ारों ख्वाइशें ऐसी में दिया। इस फिल्म में चित्रांगदा का अभिनय आलोचकों ने उनकी बेहद तारीफ की। साल 2005 में वह फिल्म काल में में नजर आई।
चित्रांगदा सिंह की शादी ज्योति रांधवा से हुई हैं। वह एक गोल्फ प्लेयर है। हालंकि इन दोनी की शादी किन्ही कारणों से ज्यादा दिन नहीं टिक सकी और 2014 को इस जोड़ी का तलाक हो गया। इस जोड़ी का एक बेटा है जिसका नाम ज़ोरावर रंधावा है।