शहर के कई इलाकों में वीकेंड पर चौपाटियों पर गहमा-गहमी बढ़ जाती है। लोग पसंदीदा जायके का लुत्फ उठाने वहां पहुंचते हैं। लेकिन अब चौपाटी का जायका लोगों के घरों में ही पहुंच रहा है। फूड ऐप कंपनियों की ओर से लोगों को थड़ी-ठेले का जायका भी उपलब्ध कराया जा रहा है। लोग अभी तक […]
शहर के कई इलाकों में वीकेंड पर चौपाटियों पर गहमा-गहमी बढ़ जाती है। लोग पसंदीदा जायके का लुत्फ उठाने वहां पहुंचते हैं। लेकिन अब चौपाटी का जायका लोगों के घरों में ही पहुंच रहा है। फूड ऐप कंपनियों की ओर से लोगों को थड़ी-ठेले का जायका भी उपलब्ध कराया जा रहा है। लोग अभी तक रेस्टोरेंट्स, ढाबा और होटल से ही ऑनलाइन खाना मंगवा रहे थे। लेकिन अब पावभाजी हो या डोसा या और कोई स्पेशल फूड। लोग ऑनलाइन ही ठेलों से मंगवा रहे हैं। वैशाली नगर, मानसरोवर, राजापार्क, मालवीयनगर जैसे इलाकाें में संचालित होने वाले थड़ी-ठेले यह सुविधा दे रहे हैं।
समय की पाबंदी नहीं
शहर में अधिकतर चौपाटी शाम के समय शुरू होती है। ऐसे में लोग शाम को ही घरों से निकलते हैं। लेकिन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर थड़ी-ठेले आने के बाद समय की पाबंदी समाप्त हो गई है। ठेला संचालक सुबह से शाम तक ऑनलाइन खाना डिलीवरी कर रहे हैं। इसके अलावा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आने के बाद थड़ी-ठेले वालों की आय बढ़ गई है। पहले जहां सीमित ग्राहक चौपाटी आकर खाने का लुत्फ उठाते थे अब ऑनलाइन ग्राहक भी जुड़ रहे हैं।
एक चौपाटी पर पहुंचते 3 से 5 हजार लोग
दरअसल, विदेशों की तर्ज पर पिंकसिटी के बाहरी क्षेत्रों में चौपाटियां लोगों को रास आ रही है। जयपुराइट्स इन चौपाटियों पर चटखारे लगाने परिवार के साथ पहुंच रहे हैं। खासकर वीकेंड पर लोग परिवार के साथ यहां नाश्ता व डिनर करना पसंद कर रहे हैं। इन चौपाटियों पर लोगों को तरह-तरह के लजीज व्यंजन एक ही जगह मिल रहे हैं। ये चौपाटियां पर्यटन डेस्टिनेशन के रूप में भी अपनी पहचान बना रही हैं। ठेला संचालकों का कहना है कि वीकेेंड पर पार्किंग, जाम की समस्या देखते हुए अब लोग आउटिंग पर तो निकलते हैं लेकिन खाना घर ही डिलीवर करा रहे हैं।
इस तरह का खाना ऑर्डर कर रहे लोग
पाव-भाजी
डोसा
इडली सांभर
पनीर चीला
पोहा
कचौड़ी
मोमोज
चाउमीन
जयपुर में 50 हजार से अधिक थड़ी-ठेला संचालक हैं। पॉश इलाकों में लोग मांग करते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आ गए हैं। इससे लोगों को सुविधा मिली है ठेला संचालकों की आय भी बढ़ी है।
बनवारी शर्मा, हैरिटेज थड़ी ठेला यूनियन, जयपुर