
दौसा/ झांसी, यूपी।
उत्तर प्रदेश के झांसी ज़िले के बड़ागांव थाना क्षेत्र में स्थित पारीछा थर्मल पावर प्लांट की कालोनी में रहने वाले एक CISF जवान ने अपनी पत्नी और दो बच्चों को जहर देकर मार डाला। इसके बाद वह भी लापता है। इस मामले की सूचना मिलने के बाद से हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने मौके पर से एक सुसाइड नोट बरामद किया है। इसमें ड्यूटी से परेशान होने की बात का हवाला दिया गया है। इसके साथ ही सुसाइड नोट में मौत के लिए अपने एक अधिकारी को जिम्मेदार ठहराया गया है। सीआईएसएफ का जवान और उसका परिवार राजस्थान के दौसा स्थित मानपुर थाना क्षेत्र के गांवड़ी गांव का रहने वाला बताया जा रहा है।
दो बच्चों और पत्नी के साथ रहता था
जिले के बड़ागांव थाना क्षेत्र के पारीछा थर्मल पावर प्लांट में एसएस गुर्जर नाम का युवक सीआईएसएफ जवान के रूप में तैनात था। एसएस गुर्जर अपनी पत्नी गीता गुर्जर के साथ ही दो और तीन वर्षीय बच्चों के साथ यहां रहता था। सुबह जब काफी देर तक उनके घर से कोई नहीं निकला तो शक होने पर पड़ोसियों ने थाने की पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घर के अंदर जाकर देखा तो महिला और दो बच्चे मृत अवस्था में पड़े हुए थे। तीनों शव को कब्जे में लेकर पुलिस ने छानबीन की। छानबीन के दौरान पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला।
ये लिखा है सुसाइड नोट में
इस मामले की जानकारी देते हुए एसएसपी विनोद कुमार ने बताया कि सुसाइ़़ड नोट में लिखा है कि सीआईएसएफ जवान ड्यूटी को लेकर काफी परेशान है। इससे वह तंग आकर अपने परिवार के साथ आत्महत्या कर रहा है। हालांकि, जवान का अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है। उसकी तलाश की जा रही है। उधर, पुलिस ने तीनों शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस मामले की छानबीन में जुटी पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर ये आत्महत्या का मामला है तो सीआईएसफ जवान की लाश कहां है?
अधिकारीयों को बताया ज़िम्मेदार
सुसाइड नोट में एसएस गुर्जर ने अपने आला अधिकारियों को घटना के लिए जिम्मेदार बताया है। एसएस गुर्जर ने पत्र में बताया कि तनाव में आकर वह इतना आवेश में आ गया कि अपने पूरे परिवार समेत आत्महत्या कर रहा है। जिसके बाद एसएस गुर्जर ने पत्नी गीता गुर्जर, दो वर्ष का कानू और तनिशा की हत्या कर दी। पड़ोसियों द्वारा जानकारी मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिए है। जिससे घटना के सही कारणों का पता लगाया जा सके।