
जयपुर में शुक्रवार सुबह सांगानेर इलाके के पास रामपुरा कंवरपुरा गांव में सरकारी स्कूल का जायजा लेने पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने उन्हें स्कूल परिसर में घुसने तक नहीं दिया और इतना ही नहीं, ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इसी घटनाक्रम को लेकर मौके पर मौजूद रहे सीजेपी कार्यकर्ताओं का प्रतिक्रिया सामने आई है।
सीजेपी कार्यकर्ता शिवांगी शर्मा का मीडिया से बातचीत करते हुए गुस्सा फूटा और उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें आतंकी- नक्सली कहा गया। वहीं पार्टी के एक और सदस्य ने अपनी आपबती बताई है।
शिवांगी शर्मा ने कहा कि उन्हें और पार्टी कार्यकर्ताओं को ‘पाकिस्तान से आए हुए’ होने की बात कही जा रही है। उन्होंने कहा कि वे न तो किसी दूसरे देश से आए हैं और न ही किसी दूसरी पार्टी से जुड़े हैं, बल्कि इसी देश के लोगों के साथ खड़े हैं। शिवांगी ने कहा, “मेरा घर यहां से सिर्फ आधे घंटे की दूरी पर है, फिर मैं पाकिस्तानी कहां से हो गई?”
उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ताओं को इस तरह की बातें सुनना बहुत दुख की बात है। शिवांगी ने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर इन लोगों को ऐसी बातें कौन सिखा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर हमारे ही देश को सुधारने में हमारे साथ ही मारपीट और धक्का मुक्की हो रही है तो हम बहुत गलत दिशा में जा रहे हैं।
संजू ने बताया कि उनकी टीम रामपुरा के सरकारी स्कूल का जायजा लेने पहुंची थी। इससे पहले भी उनकी टीम करीब एक साल पहले यहां आई थी, जब स्कूल में बच्चों को भैंसों के बाड़े में पढ़ाने की बात सामने आई थी। संजू का आरोप है कि मौके पर पहले से BJP-RSS के लोग मौजूद थे। उन्होंने टीम के साथ धक्का-मुक्की की, लाठी-डंडों से मारपीट की और पत्थर भी फेंके। संजू ने कहा कि उन्हें जमीन पर गिराकर डंडे से पीटा गया, जिससे उनके हाथ में चोट लगी है और काफी दर्द हो रहा है।
दरअसल, राजस्थान में सरकारी स्कूलों की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए CJP की ओर से ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत शुक्रवार सुबह CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका और उनकी टीम जयपुर के सांगानेर के पास स्थित रामपुरा कंवरपुरा के सरकारी स्कूल पहुंची। टीम के पहुंचने पर स्थानीय ग्रामीणों ने स्कूल में प्रवेश का विरोध किया। ग्रामीणों का कहना था कि वे स्कूल का राजनीतिकरण नहीं होने देंगे। इसी दौरान ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं के बीच तनाव बढ़ गया और मौके पर धक्का-मुक्की और मारपीट जैसी परस्थिति बन गई।
इधर, आशुतोष रांका का आरोप है कि यह सब बीजेपी के गुंडों ने किया है और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के कहने पर किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार को यह मंजूर है कि बच्चे तबेले में पढ़ें, लेकिन अगर हम इसे ठीक कराने की आवाज उठाएं तो यह मंजूर नहीं है।