- मुख्यमंत्री चिंरजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना का मामला- निजी अस्पतालों की जोड़ने का हो रहा दावा
Jaipur मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ आज भी ज्यादातर निजी अस्पतालों में नहीं मिल रहा है। जहां है, वहां भी नाममात्र बीमारियों का इलाज ही हो रहा है। जबकि इसके लाभ के लिए मरीज के परिजन कई अस्पतालों में भटक रहे हैं। दूसरी ओर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग लगातार इस योजना का लाभ हर निजी अस्पताल में दिलाने का दावा कर रहा है। शनिवार को भी चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि इस योजना से प्रदेश के सभी निजी अस्पतालों को जोड़ा जाएगा। योजना से संबंधित निजी अस्पतालों की व्यवहारिक समस्याओं के समाधान के लिए रिड्रेसल सिस्टम विकसित किया जाएगा। डॉ. शर्मा योजना से अब तक नहीं जुड़े अस्पतालों के प्रतिनिधियों से वर्चुअली चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि इस योजना का लाभ सरकारी और निजी दोनों अस्पतालों के जरिए आमजन को मिले।
निजी अस्पताल ना बनाए दूरी
चिकित्सा मंत्री ने कहा कि योजना से कोई भी निजी अस्पताल दूरी ना बनाए। निजी अस्पतालों से जुड़ी दरों में असमानता, मेडिकल मेनेजमेंट, रेट एक्रिडेशन की समस्या को जल्द ही सुलझाया जाएगा। सरकार निजी अस्पतालों से अस्पताल परिसर में बीमारी संबंधित जानकारी डिसप्ले करने और हैल्प डेस्क स्थापित करने की अपील कर रही है, ताकि मरीजों को स्वास्थ्य लाभ मिल सके। अस्पताल में सुविधा नहीं होने पर हैल्प डेस्क द्वारा मरीजों को अन्य सुविधायुक्त अस्पतालों में रैफर करने की व्यवस्था हो।
नो पेशेंट रिटर्न पॉलिसी
प्रमुख शासन सचिव अखिल अरोड़ा ने कहा कि सरकार निजी अस्पतालों से जुड़ी समस्याओं को सुलझाने का प्रयास करेगी, लेकिन निजी अस्पतालों को भी ‘नो पेशेंट रिटर्न‘ पॉलिसी अपनानी होगी। स्टेट हैल्थ एश्योरेंस एजेंसी की मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुणा ने कहा कि प्रदेशभर से 750 राजकीय और 469 निजी अस्पतालों के जरिए आमजन को योजना का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 191 अस्पतालों को और जोड़ा जाना है। बैठक में चिकित्सा सचिव सिद्धार्थ महाजन, स्टेट हैल्थ एश्योरेंस एजेंसी के संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमित यादव मौजूद रहे।