
जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ( Ashok Gehlot ) ने निर्देश दिए है कि प्रदेश में शिक्षण संस्थाओं में अशैक्षणिक गतिविधियां शुरू हो सकती है। इनमें शैक्षणिक कार्य पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। इनमें विद्यार्थी नहीं आ सकेंगे। मॉल्स में संचालित कार्यालयों को सोशल डिस्टेंसिंग एवं हैल्थ प्रोटोकॉल की पालना करनी होगी। हालांकि मॉल्स में अभी दुकानें नहीं खुलेगी केवल आॅफिस ही खुल सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र की गाइडलाइन के अनुरूप कुछ और गतिविधियों को चालू किया जा सकता। मुख्यमंत्री गहलोत मंगलवार को प्रवासियों के आवागमन और लॉकडाउन के चौथे चरण ( Lockdown 4.0 ) को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा की बैठक कर रहे थे।
परकोटा क्षेत्र को छोड़कर खुले बाजार
वहीं राजधानी के कर्फ्यूग्रस्त परकोटा क्षेत्र को छोड़कर बाजार खुल गया है। लॉडाउन 4.0 में दुकानों को खोलने की छूट तो मिली लेकिन अभी व्यापारियों को ग्राहकों का इंतजार करना होगा। अत्यंत जरूरी होने पर ही लोग बाहर निकल रहे हैं। मंगलवार को भी यही स्थिति बनी रही। बाजार और दुकानें खुल गई लेकिन एक-दो जगह छोड़ दें तो बाकी जगह पर दुकानदार ग्राहकों के इंतजार में दिन भर बैठे रहे। शहर में अब करीब 2 माह से सूने पड़े तिराहे चौराहे पर वाहनों से रोनक नजर आई। लंबे समय से बंद पड़ी यातायात बत्ती चालू कर ट्रैफिक का संचालन किया गया। वहीं जहां पर लाइट नहीं वहां पर पुलिस ने यातायात का संचालन किया। शहर के अधिकांश मार्गो पर ट्रैफिक नजर आया।
कुछ दुकानों पर दिखी भीड़
हर समय ग्राहकों से गुलजार रहने वाली महल रोड और जगतपुरा बाजार में 800 दुकानें हैं। मुख्य सड़कों पर तो दुकानें खुली दिखाई दी, लेकिन ग्राहक बहुत कम थे। करीब 60 प्रतिशत दुकानें ही खुली। जहां ग्राहक पहुंचे वहां पर व्यापारी दुकान से दूर ही खड़ा करते दिखाई दिए। एक दो दुकान पर भीड़ भी दिखी, लेकिन व्यापारियों ने ग्राहकों को सोशल डिस्टेंसिंग बनाने को कहा। वहीं कुछ व्यापारियों का कहना है कि सावे के चलते स्टॉक मंगवा लिया लेकिन भेजने की चिंता सता रही है।
इसी के साथ मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रयास कर रही है कि ट्रेनों के साथ ही श्रमिक स्पेशल बसों के माध्यम से जल्द से जल्द श्रमिकों को अपने गंतव्य तक पहुंचाया जाए। बैठक में बताया गया कि बसों को लेकर सहमति के लिए मुख्य सचिव एवं अन्य अधिकारियों के स्तर पर मध्यप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र से बात हुई है। बैठक में गहलोत ने यह निर्देश दिए कि अन्य राज्यों से भी जल्द समन्वय कर इस व्यवस्था को प्रभावी ढंग से अंजाम दिया जाए, ताकि श्रमिकों की तकलीफ को कम किया जा सके।