गहलोत ने कहा जो पार्टी छोड़कर गए हैं वे अवसरवादी हैं। उनको कम उम्र में सीधे अच्छे पोर्टफोलियो के साथ राज्यमंत्री बनने का अवसर मिल गया।
कांग्रेस में चल रही अंदरूनी खींचतान के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एक बार फिर विरोधियों पर जमकर बरसे। उन्होंने एक बार फिर रगड़ाई वाला बयान देकर स्पष्ट कहा कि युवाओं को काम करना चाहिए। अभी पाार्टी के बुरे दिन हैं, अच्छे दिन आएंगे तो उन्हें मौका दिया जाएगा। सोमवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी भवन में मतदान करने आए गहलोत दो तीन बार मीडिया से खुलकर बात की।
गहलोत ने कहा पार्टी में युवा नेताओं की नाराजगी संबंधी सवाल पर कहा कि कोई भी युवा नाराज नहीं हैं। जो पार्टी छोड़कर गए हैं वे अवसरवादी हैं। उनको कम उम्र में सीधे अच्छे पोर्टफोलियो के साथ राज्यमंत्री बनने का अवसर मिल गया। अब वो देश के अंदर जो फितुर कर रहे हैं क्योंकि उन्हें जल्दी मौका मिल गया। जो मौका मिलना चाहिए था रगड़ाई होने के बाद वो पहले ही मिल गया। गहलोत ने पार्टी छोड़ चुके ज्योतिरादित्य सिंधिया, जतिन प्रसाद और आरपीएन सिंह का नाम लेकर कहा कि ये अवसरवादी थे। सीधा सचिन पायलट का नाम लेकर गहलोत ने एक सवाल के जवाब में कहा कि इनके दिन भी अच्छे आएंगे। जो युवा आज भी पार्टी में जमे हुए हैं वो अब वैसे ही काम करते जाएं जैसे हमने किए थे। गहलोत ने कहा कि इनके लिए मेरी शुभकामनाए हैं। अभी पार्टी के बुरे दिन हैं संकट के समय जम कर काम काम करें, इससे साख बढ़ेगी। मौका आने पर अच्छे दिन आने पर लीडरशिप अवसर भी देगी जिससे मान सम्मान बढ़ता है।
वहीं गहलोत ने गांधी परिवार के प्रति अपना समपर्ण खुलकर जताया। उन्होंने विनोबा भावे को उद्धृत किया और कहा कि जैसे भावे कहते थे कि उनके और गीता माता के संबंध तर्क से परे हैं। वैसे ही उनके और गांधी परिवार के संबंध तर्क से परे हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि 19 अक्टूबर को अध्यक्ष चुनाव के नतीजे ाने के बाद भी परिवार से वैसे ही संबंध रहेंगे जैसे 50 साल से हैं।