जयपुर

Rajasthan Politics: ‘मोदी का बाप भी जाएगा’ कांग्रेस अध्यक्ष खरगे के बयान पर राजस्थान में भी सियासी बवाल, ‘भड़की’ BJP – जानिए सीएम भजनलाल क्या बोले? 

Mallikarjun Kharge comment on PM Modi father : पटना में मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा पीएम मोदी के पिता पर अमर्यादित टिप्पणी से बवाल। राजस्थान सीएम भजनलाल शर्मा बोले- 'जनता अपमान का जवाब अपने जनादेश से देगी'।
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Updated: 26 Oct 2026, 8:32 AM IST
cm bhajanlal sharma lashes out at mallikarjun kharge comment on pm modi father
CM Bhajanlal Sharma and Mallikarjun Kharge - File PIC

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके दिवंगत पिता को लेकर दी गई एक विवादित टिप्पणी के बाद देश भर में सियासी पारा पूरी तरह गरमा गया है। बिहार की राजधानी पटना में आयोजित एक जनसभा के दौरान मंच से दिए गए इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस के खिलाफ चौतरफा हमला बोल दिया है। इस राष्ट्रव्यापी विवाद पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की भी आधिकारिक और तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया हैंडल पर अपनी विस्तृत बात रखते हुए कांग्रेस नेतृत्व के घटते राजनीतिक स्तर और भाषा की मर्यादा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस पार्टी पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि लगातार मिल रही चुनावी हार से हताश हो चुकी कांग्रेस अब नीतिगत और वैचारिक मुद्दों से पूरी तरह भटक गई है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश के सर्वोच्च पद पर बैठे प्रधानमंत्री के दिवंगत परिजनों पर इस प्रकार की अमर्यादित और अभद्र टिप्पणी करना भारतीय राजनीति के गिरते स्तर और कांग्रेस की आंतरिक संस्कारहीनता का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

जानिए कहां और कैसे खरगे ने दिया विवादित बयान?

यह पूरा विवादित घटनाक्रम 25 अक्टूबर 2026 को बिहार की राजधानी पटना में आयोजित बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती समारोह के मंच पर घटित हुआ। कार्यक्रम में जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे एसआईआर (SIR) प्रक्रिया और कथित प्रशासनिक गड़बड़ियों का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार पर हमला बोल रहे थे। इसी दौरान भाषण के बीच में ही पंडाल में मौजूद एक दर्शक ने खड़े होकर चिल्लाते हुए कहा कि "जब तक विद्रोह नहीं होगा, तब तक पीएम मोदी कहीं नहीं जाने वाले।"

दर्शक के इस बयान का जवाब देते हुए मंच से मल्लिकार्जुन खरगे ने अपना आपा खो दिया और विवादित लहजे में कह दिया— "मोदी का बाप भी जाएगा!" खरगे का यह बयान सार्वजनिक होते ही राष्ट्रीय राजनीति में भूचाल आ गया। बीजेपी नेताओं ने इसे देश के प्रधानमंत्री और उनके दिवंगत पिता का सीधा अपमान करार देते हुए देश भर में विरोध-प्रदर्शन की घोषणा कर दी है।

नाकामियों पर आत्मचिंतन के बजाय अपशब्दों का सहारा: सीएम भजनलाल

पटना के इस घटनाक्रम के तुरंत बाद राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपनी प्रतिक्रिया जारी की। उन्होंने अपने आधिकारिक संदेश में लिखा: "लगातार चुनावी हार से बौखलाई कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के स्वर्गीय पिताजी के प्रति अमर्यादित भाषा का प्रयोग कांग्रेस की गिरती राजनीतिक मर्यादा और संस्कारहीनता का प्रमाण है। कभी पिता, कभी माता— क्या कांग्रेस की राजनीति अब व्यक्तिगत अपमान तक ही सिमटकर रह गई है?"

मुख्यमंत्री ने आगे लिखा, "अपनी नाकामियों पर आत्मचिंतन करने के बजाय अपशब्दों का सहारा लेना कांग्रेस की हताशा दर्शाता है। कांग्रेस याद रखे, यह नया भारत है, जहाँ जनता अपमान और अहंकार का जवाब अपने जनादेश से देती है। ओछी राजनीति से सत्ता नहीं, केवल जनता की नाराजगी मिलती है।"

राजस्थान बीजेपी में आक्रोश, कांग्रेस के खिलाफ चौतरफा मोर्चाबंदी

मुख्यमंत्री के कड़े बयान के साथ ही राजस्थान प्रदेश भाजपा के तमाम वरिष्ठ नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने भी कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ अपना मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश भाजपा नेतृत्व का कहना है कि जब-जब कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या उनके परिवार के खिलाफ व्यक्तिगत और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया है, तब-तब देश और प्रदेश की जनता ने कांग्रेस को चुनाव में करारा जवाब दिया है।

जयपुर सहित प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर बीजेपी कार्यकर्ताओं में इस बयान को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि सार्वजानिक जीवन में संवैधानिक पदों पर बैठे नेताओं के परिजनों को घसीटना लोकतांत्रिक परंपराओं के पूरी तरह खिलाफ है और इसके लिए कांग्रेस नेतृत्व को देश की जनता से तुरंत सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए।

देश भर में गहराया सियासी घमासान, जनादेश पर टिकी नजरें

पटना से शुरू हुआ यह नया सियासी विवाद अब राजस्थान के आगामी पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावों के राजनीतिक समीकरणों को भी प्रभावित कर सकता है। एक तरफ जहां कांग्रेस पार्टी इसे भाषण के दौरान पैदा हुए गतिरोध पर स्वाभाविक प्रतिक्रिया बता रही है, वहीं बीजेपी इसे राष्ट्रीय अस्मिता और पीएम के सम्मान से जोड़कर जनता के बीच ले जा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राजस्थान में 'जीरो टॉलरेंस' और सुशासन के मुद्दे पर काम कर रही भजनलाल सरकार इस मुद्दे के जरिए कांग्रेस के राष्ट्रीय कैडर को बैकफुट पर धकेलने की रणनीति बना चुकी है। अब देखना यह होगा कि इस जुबानी जंग का आगामी राजनीतिक घटनाक्रमों और ग्रामीण चुनावों पर क्या असर देखने को मिलता है।

Updated on:
26 Oct 2026, 8:32 AM IST
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