
जयपुर। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर का दूसरे राज्य में असर देखते हुए प्रदेश में दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों को लेकर सरकार सख्त कदम उठा सकती है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी इसके संकेत दिए हैं।
प्रदेश में कोरोना संक्रमण के हालात जाननेके लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विशेषज्ञों के साथ बैठक में विशेषज्ञों की राय और उनके सुझावों पर चर्चा की। विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी महीनों में तीसरी लहर का प्रभाव देखने को मिल सकता है।
विशेषज्ञों के साथ चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि प्रदेश में कोविड की दूसरी लहर का प्रभाव अब नगण्य हो गया है लेकिन विभिन्न देशों और देश के कई राज्यों में कोविड के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए हमें अभी भी सतर्कता बरतने और कोविड गाइड लाइन की लगातार पालना करनी होगी।
सीएम ने कहा कि प्रदेश में शिक्षण संस्थाओं को खोलने के संबंध में गठित मंत्रियों की समिति दूसरे राज्यों में संक्रमण की स्थिति और शिक्षण संस्थाओं को खोले जाने के वहां के अनुभव के मद्देनजर प्रदेश में शिक्षण संस्थाओं को खोलने का फैसला ले।
डोर टू डोर सर्वे के जरिए हो स्क्रीनिंग
बैठक में सीएम ने कहा कि तीसरी लहर के संक्रमण से बचने के लिए प्रदेश में डोर-टू-डोर सर्वे के जरिए लगातार स्क्रीनिंग की जाए। किसी भी व्यक्ति में खांसी, जुकाम, बुखार के लक्षण नजर आने पर तत्काल प्रभाव से जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वैक्सीनेशन के काम को पूरी मुस्तैदी के साथ किया किया जा रहा है। चिकित्सा विभाग आगे भी इसी तरह वैक्सीनेशन कर प्रदेश की जनता को सुरक्षा कवच दे।
14 जिलों में संक्रमण का एक भी केस नही
वीसी में चिकित्सा विभाग के शासन सचिव सिद्धार्थ महाजन ने कोविड संक्रमण और वैक्सीनेशन पर प्रजेंटेशन देते हुए कहा कि प्रदेश में वर्तमान में एक्टिव केसों की संख्या 233 रह गई है और साप्ताहिक पॉजीटिविटी दर 0.07 प्रतिशत पर आ गई है। राज्य के 14 जिलों में एक भी पॉजीटिव केस नहीं है। प्रदेश में 18 वर्ष से अधिक आयु के 52 प्रतिशत लोगों को वैक्सीन की पहली डोज और 16 प्रतिशत लोगों को दोनों डोज लग चुकी हैं।