जयपुर

…शाह, CM राजे और प्रदेशाध्यक्ष मदन लाल सैनी में वार्ता का दौर जारी, राजस्थान आगामी चुनाव के इन ख़ास मुद्दों पर हो रही है बैठक

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Jul 10, 2018
CM Raje, Madan lal saini meets Amit Shah
CM Raje, Madan lal saini meets Amit Shah

जयपुर ।

प्रदेश में चुनाव को लेकर बीजेपी किसी भी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहती है। ऐसे में राजस्थान में आने वाले चुनावों को लेकर इन दिनों केंद्र और प्रदेश की चर्चाएं आम के साथ-साथ खास भी हो रहीं है। पिछले कुछ महीनों से राजस्थान के विधानसभा चुनावों को लेकर सीएम राजे दिल्ली में कई बैठक कर चुकी हैं। कई बैठकों में राजस्थान के दिग्गज मंत्री भी साथ रहे हैं ऐसा इसीलिए है क्योंकि राजस्थान में आगामी चुनावों को लेकर बीजेपी किसी भी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहती है। इसीलिए बीजेपी पार्टी अध्यक्ष अमित शाह खुद राजस्थान के चुनावों को लेकर पूरी सक्रिय हैं और सभी बैठकों का नेतृत्व कर रहे हैं।

हाल ही में चुनावी तैयारियों के चलते भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और प्रदेश के नवनियुक्त अध्यक्ष मदन लाल सैनी को दिल्ली बुलाया है। बताया जा रहा है कि शाह दोनो से विधानसभा चुनाव के रोडमैप पर चर्चा करेंगे, साथ ही लोकसभा को लेकर चल रही तैयारियों का फीडबैक लेंगे। इसी बीच मुख्यमंत्री राजे और मदनलाल सैनी दिल्ली पहुंच चुके हैं। मुख्यमंत्री राजे और मदन लाल सैनी दोनो करीब 2 बजे दिल्ली पहुंचे हैं।मुख्‍यमंत्री राजे के साथ मदन लाल सैनी, अरुण चतुर्वेदी, चंद्रशेखर, भूपेंद्र यादव भी मौजूद रहे।

सूत्रों के मुताबिक अमित शाह, राजे और सैनी के बीच वार्ता का दौर जारी है। दिल्ली में चल रही इस बैठक में चुनावी रोडमेप पर चर्चा होनी तय है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक नरेन्द्र मोदी और अमित शाह के आगामी राजस्थान दौरे को लेकर भी चर्चा हो सकती है। कुछ दिनों पहले मोदी और शाह दोनो ही नेताओं के चुनाव तक हर माह राजस्थान आने की चर्चा चली थी।


इन खास मुद्दों पर हो सकती है चर्चा

- चुनाव किस तरह लड़ा जाएगा, कांग्रेस को किस तरह घेरा जाएगा
- चुनाव संचालन के लिए समिति का गठन, नामों पर चर्चा
- जातिगत समीकरण, बड़ी जातियों को साधना और दलितों को पार्टी के साथ बनाए रखना
- लोकसभा चुनाव को लेकर दिल्ली में हुई बैठक के निर्णयों पर वर्तमान स्थिति
- प्रधानमंत्री और शाह के दौरे राज्य में कहां-कहां हो सकते हैं।
- प्रदेश के विभिन्न मुद्दे जिन पर काम किया जा सकता है।
- संगठन का आगामी कामकाज।
- बूथ प्रबंधन कैसे मजबूत हो।
- विस्तारक योजना की अब तक की रिपोर्ट, आगे इसे कैसे प्रभावी बनाया जाए।

Updated on:
10 Jul 2018 05:03 pm
Published on:
10 Jul 2018 04:57 pm