
पीएम मोदी ने सुनाया अपना फैसला, योगी कैबिनट में फेरबदल को लेकर बड़ी खबर
लखनऊ. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के दो दिवसीय उत्तर प्रदेश दौरे के बाद अटकलें तेज हो गईं कि कई सांसदों के टिकट कटेंगे। इसके साथ ही योगी सरकार के कई मंत्रियों को हटाकर युवाओं को मौका दिया जाएगा। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक के बाद योगी सरकार के विस्तार पर फिलहाल विराम लग गया। यूपी की कमान खुद पीएम मोदी ने संभालकर अगस्त महीनेो में सूबे को मथने का आदेश सुना दिया। उससे पहले पीएम मोदी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सभाएं करेंगे और फिर अगस्त के आखरी हफ्ते में मंत्रिमंडल फेरबदल होगा।
पीएम के साथ बैठक कर बदली रणनीति
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह यूपी की थाह लेकर दिल्ली पहुंचे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जमीनी हकीकत से रूबरू कराया। सपा-बसपा के गठबंधन के साथ दो गुटों में बंटी पार्टी को दुरूस्त करने के लिए पीएम मोदी ने खुद कमान संभाल ली है। जुलाई के इसी हफ्ते में उनकी कई रैलियां यूपी के तमाम जिलों में होगी। सभाओं के जरिए वे खुद अपनी सरकार का लेखा-जोखा पेश कर जनता से फिर से बीजेपी सरकार बनावाने की अपील करेंगे। पीएम मोदी के साथ सीएम योगी और मंत्रिमंडल के कई मंत्री भी रैली में शामिल रहेंगे। इसी के चलते मंत्रिमंडल में विस्तार होना अभी नामुकिन है। हालांकि ताबड़तोड़ सभाओं के बाद पीएम मोदी, अमित शाह, सीएम योगी और आरएसएस के नेताओं की बैठक होगी। इसी के बाद योगी मंत्रिमंडल में विस्तार पर मुहर लगेगी।
बसपा की काट के लिए बदला फैसला
पार्टी नेतृत्व की योजना कर्नाटक विधानसभा चुनाव के तत्काल बाद मंत्रिमंडल विस्तार को हरी झंडी देने की थी, लेकिन कैराना और नूरपुर उपचुनाव में मिली हार के बाद नेतृत्व ने विस्तार में सपा-बसपा को चुनौती देने वाली सोशल इंजीनियरिंग तैयार करने पर जोर दिया। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, इस क्रम में सूबे में 50 फीसदी वोट हासिल करने और सपा-बसपा को चुनौती देने वाले फार्मूले पर फिट बैठने वाले विधायकों की सूची तैयार की गई। इसी बीच शाह के देश भर में जुलाई अंत तक चलने वाला महा जनसंपर्क अभियान और मोदी की सूबे की ताबड़तोड़ यात्रा के कार्यक्रम के कारण इस पर अंतिम विचार विमर्श नहीं हो पाया। मोदी 14-15 जुलाई को आजमगढ़, वाराणसी और मिर्जापुर, 21 जुलाई को शाहजहांपुर के बाद 29 जुलाई को लखनऊ का दौरा करने वाले हैं। यहां पर सीएम के साथ कई मंत्री भी मौजूद रहेंगे।
सहयोगी दलों के विधायकों को देंगे तोहफा
पार्टी नेतृत्व की योजना मिशन-2019 के लिए अपने दोनों सहयोगियों अपना दल और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी को साधने की है। इसी के तहत शाह ने सीएम योगी, अनुप्रिया पटेल के साथ मिर्जापुर में चाय पर चर्चा की थी। नेतृत्व नहीं चाहता कि चुनाव से ठीक पहले एनडीए में फूट का संदेश जाए। पटेल बिरादरी में पैठ रखने वाले अपना दल से पार्टी के समीकरण ठीक हैं। हालांकि शाह के दौरे के बाद अपना दल योगी सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री पर पार्टी में फूट डालने की साजिश का आरोप लगा रही है। जबकि सुहेलदेव पार्टी प्रमुख ओमप्रकाश राजभर लगातार बगावती तेवर अपना रहे हैं। पार्टी की रणनीति राजभर को मनाने की अंतिम कोशिश करने की है। मंत्रिमंडल में अपना दल के अलावा राजभर की पार्टी के कुछ विधायकों को मंत्री बनाकर उन्हें शांत कराए जाने की रणनीति है। इसके लिए अगस्त में एक बैठक दिल्ली में होगी। इसमें प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय, सीएम योगी, दोनों डिप्टी सीएम के अलावा संगठन मंत्री सुनील बंसल के शामिल होने की खबर मिल रही है।
Updated on:
10 Jul 2018 12:03 pm
Published on:
10 Jul 2018 12:01 pm
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