जयपुर

Rajasthan Election: राजस्थान में कांग्रेस की हार के बाद गहलोत को लेकर अब सचिन पायलट ने बोल दी ऐसी बात

राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री और टोंक विधायक सचिन पायलट ने निर्वतमान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पूर्व ओएसडी लोकेश शर्मा की ओर से लगाए गए आरोप को चिंताजनक बताया है। वहीं उम्मीद जताई है कि कांग्रेस आलाकमान इस पर ध्यान देगी।

2 min read
Dec 05, 2023

राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री और टोंक विधायक सचिन पायलट ने निर्वतमान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पूर्व ओएसडी लोकेश शर्मा की ओर से लगाए गए आरोप को चिंताजनक बताया है। वहीं उम्मीद जताई है कि कांग्रेस आलाकमान इस पर ध्यान देगी। दूसरी बार विधायक बनने के बाद सचिन पायलट सोमवार को जिला कांग्रेस कार्यालय में हुई कार्यकर्ताओं बैठक में शिरकत करने आए थे।

क्या झूठ है ये तो देखा जाएगा
इस दौरान पत्रकारों से वार्ता में पायलट ने पूर्व ओएसडी लोकेश शर्मा की ओर से लगाए गए आरोप पर कहा कि मैंने भी वो स्टेटमेंट देखा है। बड़ा आश्चर्यजनक है। इसलिए है कि वो निर्वतमान सीएम के ओसडी है। ऐसे में चिंता का विषय है। इसमें क्या सच है, क्या झूठ है ये तो देखा जाएगा। लेकिन पूरी उम्मीद है पार्टी इस पर कहीं ना कहीं ध्यान देगी। जो बोला है वो चिंता का विषय है।

हारे जरूर, लेकिन तीनों राज्यों में वोट प्रतिशत बढ़ा
पार्टी की हार पर उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता का निर्णय का अंतिम है। हम लोगों को विपक्ष की जिम्मेदारी दी है। उसे निभाएंगे। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि भले ही पार्टी की हार हुई है। लेकिन तीनों राज्यों में वोट प्रतिशत बढ़ा है। सबका उद्देश्य था कि सरकार रिपीट करेंगे। अब जब हम बहुमत नहीं ला पाए तो आत्म विश्लेषण करेंगे।

प्रदेश में हुई हार पर जयपुर व दिल्ली में आयोजित संगठन की बैठक में मंथन करेंगे। लोकसभा चुनाव की तैयारी वाले सवाल पर कहा कि चुनाव नजदीक है। ऐसे में हमें वापस जनता के बीच जाना पड़ेगा। जनता की कसौटी पर खरा उतरने के लिए रणनीति बनाई जाएगी। समय बहुत कम है। बहुत जल्द चर्चा करेंगे। आगामी योजना पर बोले कि जो भी करेंगे पार्टी के प्लेटफार्म पर करेंगे।

यह भी पढ़ें : जिस सीट से सतीश पूनिया हारे उससे अब आई ये चौंकाने वाली खबर

यह बोले थे ओएसडी
रविवार को सत्ता बदलते ही निर्वतमान सीएम अशोक गहलोत के पूर्व ओएसडी लोकेश शर्मा ने कहा था कि कांग्रेस निसंदेह रिवाज बदल सकती थी। लेकिन अशोक गहलोत कभी बदलाव नहीं चाहते थे। यह कांग्रेस की नहीं, बल्कि अशोक गहलोत की शिकस्त है। उनके चेहरे पर उनको फ्री हैंड देकर, उनके नेतृत्व में पार्टी पार्टी ने चुनाव लड़ा और उनके मुताबिक प्रत्येक सीट पर वे स्वयं लड़ रहे थे। न उनका अनुभव चला और ना ही जादू। इसके बाद प्रदेशभर में चर्चाओं का विषय बन गया था।

Published on:
05 Dec 2023 01:35 pm
Also Read
View All