-कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करके दी जानकारी, अब बागीदौरा विधानसभा उपचुनाव में प्रत्याशी नहीं उतारेगी कांग्रेस
जयपुर। लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण के नामांकन वापसी से ठीक एक दिन पहले कांग्रेस डूंगरपुर-बांसवाड़ा लोकसभा सीट और बागीदौरा विधानसभा सीट भारतीय आदिवासी पार्टी(बीएपी) के लिए छोड़ने का फैसला लिया है। सोमवार को नाम वापसी का अंतिम दिन है। कांग्रेस ने जहां पहले डूंगरपुर-बांसवाड़ा लोकसभा सीट पर अपना प्रत्याशी उतारा तो अब बीएपी को इस लोकसभा सीट पर अपना समर्थन दे दिया है।
अब माना जा रहा है कि सोमवार को कांग्रेस प्रत्याशी अपना नामांकन वापस ले सकते हैं। यही नहीं कांग्रेस पार्टी ने बागीदौरा विधानसभा उपचुनाव में भी अपना प्रत्याशी नहीं उतारेगी। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने रविवार रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि कांग्रेस आगामी चुनाव में भारतीय आदिवासी पार्टी के प्रत्याशी का समर्थन बांसवाडा संसदीय क्षेत्र और बागीदौरा विधानसभा के उपचुनाव में करेगी। भारत के संविधान और लोकतंत्र को बचाना हमारा प्राथमिक उद्देश्य है। इधर कांग्रेस पार्टी अब प्रदेश की 25 में से केवल 22 सीटों पर चुनाव लड़ रही है।
राजकुमार रौत ने की थी राहुल गांधी से अपील
इससे डूंगरपुर-बांसवाड़ा सीट से बीएपी प्रत्याशी राजकुमार रौत ने राहुल गांधी से अपील करते हुए कांग्रेस का समर्थन मांगा था। रौत ने कहा था कि देश और संविधान को बचाने की लड़ाई में सभी का साथ आना जरूरी है। दरअसल बीएपी और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर बातचीत का दौर चला था लेकिन डूंगरपुर-बांसवाड़ा सीट पर बीएपी की ओऱ से प्रत्याशी उतारे जाने के बाद कांग्रेस ने नामांकन के आखिरी दिन अपना प्रत्याशी इस सीट पर उतार दिया था।
नागौर और सीकर भी गठबंधन के लिए छोड़ी
इससे पहले कांग्रेस ने नागौर और शिखर सीट भी गठबंधन के लिए छोड़ दी थी कांग्रेस ने नागौर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी और सीकर सीट की के लिए छोड़ दी थी। नागौर में रालोपा प्रमुख हनुमान बेनीवाल गठबंधन प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में है तो वहीं सीकर में अमराराम गठबंधन प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में है।
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