
चेन्नई. उपनगरीय किलांबक्कम मफसिल बस टर्मिनस का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों को सीधी रेल कनेक्टिविटी देने के लिए बनाया जा रहा नया किलांबक्कम रेलवे स्टेशन दीपावली के आसपास चालू होने की संभावना है। चेन्नई रेलवे डिवीजन के प्रबंधक शैलेंद्र सिंह के अनुसार, रेलवे की तरफ का लगभग सारा निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। ट्रैक, प्लेटफॉर्म 1, अस्थायी बुकिंग कार्यालय और शौचालय का निर्माण पूरा हो गया है, जबकि प्लेटफॉर्म 2 और 3 का काम अंतिम चरण में है।
स्काईवॉक का काम जारी
बस टर्मिनस को सीधे रेलवे स्टेशन से जोड़ने वाले स्काईवॉक का काम अभी बाकी है, ताकि यात्रियों को जीएसटी रोड पार न करनी पड़े। वर्तमान में स्काईवॉक का लगभग 30% कार्य पूरा हो चुका है। रेलवे ट्रैक के ऊपर से गुजरने वाले हिस्से के लिए दक्षिण रेलवे के प्रमुख मुख्य अभियंता की स्वीकृति मांगी गई है। स्टेशन के संचालन के बाद रख-रखाव की व्यवस्था तय करने के लिए रेलवे और राज्य सरकार के बीच एक समझौता ज्ञापन का प्रारूप तैयार किया जा रहा है।
चेन्नई रेलवे डिवीजन का रिकॉर्ड राजस्व
चेन्नई रेलवे डिवीजन ने वित्त वर्ष 2025-26 में ₹5,038.30 करोड़ की कमाई कर पहली बार ₹5,000 करोड़ का आंकड़ा पार किया है, जो पिछले साल की तुलना में 9.26% अधिक है। इस दौरान 432.98 मिलियन यात्रियों ने यात्रा की। साथ ही माल धुलाई में भी 6.20% की वृद्धि दर्ज की गई और यह बढ़कर 11.33 मिलियन टन तक पहुंच गई।
Bक्षमता विस्तार की चार बड़ी परियोजनाएंB
रेलवे बोर्ड द्वारा स्वीकृत चार प्रमुख क्षमता विस्तार परियोजनाओं पर काम चल रहा है।
चेंगलपेट-अरक्कोणम दोहरीकरण: 67.79 किमी लंबी इस परियोजना की लागत 926.52 करोड़ है। इसके पूरा होने से इस मार्ग पर ट्रेनों की क्षमता 13 से बढ़कर 50 प्रतिदिन हो जाएगी।
तांबरम-चेंगलपेट चौथी लाइन: 30.021 किमी लंबे इस कॉरिडोर की अनुमानित लागत 713.56 करोड़ है।
पेरंबूर-अंबत्तूर पांचवीं और छठी लाइन: 6.4 किमी लंबे इस मार्ग के लिए 177.82 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं।
अत्तिपट्टू-गुम्मिडीपुंडी तीसरी और चौथी लाइन: 22.52 किमी लंबे इस प्रोजेक्ट की लागत 365.42 करोड़ तय की गई है।