
Controversy in RCA : राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। खेल परिषद की ओर से आरसीए को संपत्तियां खाली करने के लिए शुक्रवार शाम 4:30 बजे तक का समय दिया गया था। समय रहते संपत्ति खाली नहीं करने पर सरकार ने एसएमएस स्टेडियम, आरसीए ऑफिस, एकेडमी और होटल को कब्जे में लेते हुए उस पर ताला जड़ दिया। इससे पहले आरसीए के सेक्रेटरी भवानी सामोता ने भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम राठौड़ के चूरू डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन के चुनाव में अध्यक्ष पद पर जीत हासिल करने बाद उसे असंवैधानिक बताया था।
खेल परिषद के अधिकारियों ने आरसीए के मुख्य बिल्डिंग में एक नोटिस चस्पा किया। जिसमें साफ तौर पर कारणों को बताया गया कि बकाया जमा नहीं कराने से लेकर एमओयू की शर्तो का उल्लघंन करने का आरोप लगाया। आरसीए के बैंक खाते को सीज करने को लेकर बैंक को चिट्ठी भी लिखी है. जबकि आरसीए अध्यक्ष ने इसे सत्ता परिवर्तन का असर बताया। वहीं, खेल परिषद सचिव ने आरसीए की ओर से एमओयू की किसी भी शर्त की पालना नहीं किए जाने की बात कही।
इस कार्रवाई को लेकर आरसीए अध्यक्ष वैभव गहलोत ने कहा कि आरसीए ने एमओयू एक्सटेंड करने के लिए सरकार को लिखा था। एमओयू एक्सटेंड क्यों नहीं किया गया, इसकी जानकारी नहीं दी, लेकिन दो दिन पहले ही ये पता लगा कि आरसीए एकेडमी और दूसरी संपत्तियों को खाली करने का नोटिस आया। इसे खाली करने के लिए भी बहुत कम समय दिया गया। इससे जो भी खेल गतिविधियां चल रही हैं, उस पर भी इफेक्ट पड़ेगा।
वहीं, खेल परिषद के सचिव सोहनराम चौधरी का कहना है कि आरसीए को बार-बार नोटिस भेजते रहे। लेकिन उन पर कोई असर नहीं पड़ रहा था। तब जाकर परिषद् ने यह कार्रवाई की हैं।
बता दें कि आरसीए पर करीब 29 करोड़ का पुराना बकाया, वर्तमान एमओयू का 5 करोड़ का बकाया और करीब साढ़े तीन करोड़ का बिजली बिल का भुगतान बकाया था।